रिपोर्ट – बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। झाड़ोल क्षेत्र के गोगला गांव के गोगला नाल में पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गोगला नाल से भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) से जुड़े करीब 100 कार्यकर्ताओं के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का दावा किया गया है। गोगला के हनुमान चौक पर आयोजित कार्यक्रम में जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दुपट्टा पहनकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को क्षेत्र में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और चुनावी माहौल में अपनी ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री बाबूलाल खराड़ी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता
गोगला के हनुमान चौक पर आयोजित कार्यक्रम में जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, पूर्व देहात जिलाध्यक्ष गुणवन्त सिंह झाला, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भंवर सिंह पंवार, जिला प्रवक्ता नीलम राजपुरोहित, मंडल अध्यक्ष शंकरलाल गाड़री, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष राजू निमावत और युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष धीरज पूर्बिया सहित भाजपा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान गोगला नाल के कार्यकर्ताओं को भाजपा का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में शामिल किया गया। नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुए इस आयोजन ने क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है।
पंचायत चुनाव के बीच दल-बदल ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
झाड़ोल क्षेत्र में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने और ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने में जुटे हैं। ऐसे समय में गोगला नाल से BAP के कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने की खबर स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस घटनाक्रम से भाजपा को स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का नया समूह मिलने का दावा किया जा रहा है। वहीं, BAP के लिए यह अपने समर्थकों को एकजुट रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की पकड़ बनाए रखने की चुनौती के रूप में देखा जा सकता है।
भाजपा के लिए कितना अहम है गोगला नाल का घटनाक्रम?
गोगला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संपर्क तथा कार्यकर्ताओं की सक्रियता पंचायत चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता वास्तव में अपने क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और संगठन के साथ मिलकर काम करते हैं, तो पार्टी को जनसंपर्क अभियान में मदद मिल सकती है।
राजनीतिक दृष्टि से इस घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चुनावी माहौल में दलों के बीच कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में लाने की गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में गोगला नाल में हुआ यह कार्यक्रम भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने वाला आयोजन बनकर सामने आया है।
इन कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन
कार्यक्रम में भाजपा में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं में लक्ष्मण डामोर, सुरेश डामोर, दिनेश डामोर, हरिशंकर डामोर, रमेश डामोर, दिनेश डामोर, प्रकाश डामोर, दीताराम, सागर, नकालाल, भेरुलाल, लालूराम, रोशन, कावड़ा, मोहन, सवा, कालू, मुकेश, भरत, सोहन, शंकर, खेता, अमरा और सोमराज सहित अन्य कार्यकर्ताओं के नाम बताए गए हैं। आयोजकों के अनुसार, कुल करीब 100 कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
अब चुनावी नतीजों पर रहेगी नजर
गोगला नाल में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता आगामी पंचायत चुनाव में कितने सक्रिय रहते हैं और इसका स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
फिलहाल भाजपा इसे अपने संगठन के विस्तार के रूप में देख सकती है, जबकि BAP के लिए अपने स्थानीय जनाधार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनाए रखना अहम रहेगा। वास्तविक राजनीतिक तस्वीर चुनावी प्रचार के आगे बढ़ने और मतदान के परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
