रिपोर्ट - मोईन अब्बासी कोटड़ा।
भारतीय जनता पार्टी मंडल कोटड़ा की ओर से पिपलेश्वर महादेव मंदिर, कोटड़ा में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुरारी लाल बुंबरिया, महामंत्री रवि पुरबिया, प्रधान प्रतिनिधि सुरेश कुमार खैर, प्रताप गरासिया, सरपंच दाडमिया लक्ष्मणलाल गरासिया, सरपंच जोगीवाड़ धनियाराम डाबी, देवीलाल तराल, बडली सरपंच प्रतिनिधि शंभुलाल, गुलाब वडेरा, डॉ. जमनालाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष एडवोकेट हिम्मत तावड़ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनके गुरु महादेव अंबेडकर ने उनका उपनाम बदलकर ‘अंबेडकर’ कर दिया। उन्होंने बताया कि बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने उनकी शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देकर उन्हें अमेरिका भेजा, जहां से वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश लौटे और भारतीय संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर को राजनीतिक जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उन्हें चुनावों में पराजय भी झेलनी पड़ी। तावड़ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो लोग संविधान की बात करते हैं, उन्हें अपने अतीत पर भी नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंबेडकर से जुड़े स्थानों को ‘पंच तीर्थ’ के रूप में विकसित किया है तथा लंदन स्थित उनके निवास को संग्रहालय में परिवर्तित किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज को सम्मान देते हुए द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया है।
तावड़ ने कहा कि भाजपा ही आदिवासी, दलित और वंचित वर्गों के हितों की सच्ची हितैषी है और समाज को भ्रमित करने वाली ताकतों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का समापन पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
