14 सितंबर को निकाय चुनाव के नतीजे, 17 सितंबर को प्रधान-पंचायत समिति-जिला परिषद की आरक्षण लॉटरी और 18 सितंबर को सरपंच-वार्ड पंच की सीटों का फैसला
Total Views : 223
Zoom In Zoom Out Read Later Print

एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र लोहार, डेस्क

 निकाय चुनाव के बाद अब गांवों में बजेगा चुनावी बिगुल, पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज

जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव का दौर अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रदेश में 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान के बाद अब 14 सितंबर 2026 को मतगणना और चुनाव परिणाम जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश की राजनीति का फोकस शहरी निकायों से निकलकर सीधे गांवों की ओर होने वाला है। 

निकाय चुनाव के परिणाम आने के तुरंत बाद पंचायतीराज चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पंचायत चुनाव के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे संभावित सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और जिला परिषद सदस्य पद के दावेदारों की निगाहें अब सितंबर में होने वाली आरक्षण लॉटरी पर टिकी हैं।

 17 सितंबर को बड़े पदों की तस्वीर होगी साफ

पंचायतीराज संस्थाओं के लिए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर 2026 को जिला स्तर पर आरक्षण लॉटरी होगी। इसमें जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण तय किया जाएगा। 

इस लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सी सीट सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित होगी। इसके साथ ही लंबे समय से चुनावी तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।

 18 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच की लॉटरी

गांवों की राजनीति के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन 18 सितंबर 2026 रहेगा। इस दिन उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। 

यानी 18 सितंबर के बाद ग्राम पंचायतों की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। कौन-सी ग्राम पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी और किस वार्ड में किस वर्ग का आरक्षण रहेगा, इसका फैसला लॉटरी के बाद सामने आएगा।

 लॉटरी के बाद बदलेंगे कई दावेदारों के समीकरण

आरक्षण लॉटरी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही चर्चाओं का दौर चल रहा है। कई संभावित उम्मीदवार महीनों से अपने-अपने क्षेत्र में संपर्क और तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन आरक्षण की स्थिति बदलने के साथ ही कई दावेदारों की पूरी रणनीति बदल सकती है।

कहीं सामान्य सीट आरक्षित हो सकती है तो कहीं महिला आरक्षण लागू हो सकता है। वहीं एससी-एसटी और अन्य आरक्षित श्रेणियों के कारण भी कई संभावित उम्मीदवारों को अपनी चुनावी रणनीति नए सिरे से बनानी पड़ सकती है।

 निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव की ओर बढ़ेगा राजस्थान

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होने के बाद राजनीतिक गतिविधियों का अगला बड़ा केंद्र ग्रामीण क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद 17 और 18 सितंबर की आरक्षण लॉटरी पंचायत चुनाव की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होगी। 

राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करने का कार्यक्रम रखा गया है। पहले पेश किए गए रोडमैप में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया सितंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू करने और अक्टूबर-नवंबर में मतदान कराने का प्रस्ताव सामने आया था।

 अब गांवों में बढ़ेगी चुनावी हलचल

निकाय चुनाव के परिणाम के साथ ही राजस्थान में चुनावी माहौल एक बार फिर गांवों की ओर मुड़ता दिखाई देगा। 14 सितंबर को निकाय चुनाव के परिणाम, 17 सितंबर को बड़े पंचायतीराज पदों की आरक्षण लॉटरी और 18 सितंबर को सरपंच-वार्ड पंच की आरक्षण लॉटरी—इन तीन तारीखों पर ग्रामीण राजस्थान की नजर रहेगी।

हालांकि पंचायत चुनाव की अंतिम मतदान तारीखें राज्य निर्वाचन आयोग की औपचारिक घोषणा के बाद ही निश्चित मानी जाएंगी।