भक्ति के जयकारों से गूंजा झाड़ोल, अम्बाजी के लिए पैदल निकला श्रद्धालुओं का जत्था
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल। अम्बाजी धाम के प्रति आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत न्यू रॉयल अम्बाजी पदयात्रा संग झाड़ोल की सातवीं वार्षिक पैदल यात्रा शुक्रवार को झाड़ोल से उत्साह और भक्तिमय माहौल के बीच रवाना हुई। पदयात्रा के रवाना होते ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जयकारों और भक्ति के रंग में रंगा पदयात्रियों का जत्था अम्बाजी धाम के दर्शन के लिए पैदल निकल पड़ा।


हर वर्ष आयोजित होने वाली इस पदयात्रा में इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं। झाड़ोल से रवाना हुआ जत्था खाखड़, मगवास, कोल्यारी, पानरवा, गड़ी-कोटड़ा और खेरोज होते हुए गुजरात स्थित अम्बाजी धाम पहुंचेगा। पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु धार्मिक स्थलों और गांवों से गुजरते हुए भक्ति एवं आस्था के साथ अपनी यात्रा पूरी करेंगे।


पदयात्रा के पहले दिन पानरवा विद्यालय में रात्रि विश्राम होगा। दूसरे दिन पदयात्री गड़ी-कोटड़ा पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे, जबकि तीसरे दिन खेरोज में विश्राम किया जाएगा। इसके बाद चौथे दिन श्रद्धालु अम्बाजी पहुंचकर माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे।


अम्बाजी में दर्शन के बाद पदयात्री वापस पानरवा पहुंचेंगे, जहां टीलेश्वर महादेव मंदिर में भोजन प्रसादी का आयोजन होगा। प्रसादी ग्रहण करने के बाद श्रद्धालु अपने-अपने घरों के लिए प्रस्थान करेंगे।


पदयात्रा को लेकर झाड़ोल सहित आसपास के गांवों में भी उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां अम्बे के दर्शन के लिए पैदल यात्रा करना उनके लिए आस्था, संकल्प और श्रद्धा का विशेष अवसर है। सातवीं पदयात्रा के सफल आयोजन को लेकर पदयात्रा संग से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया।