गौ सेवा के प्रति समर्पण को मिला सम्मान, नरेश पूर्बिया का गौ सेवा सम्मान से अभिनंदन
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल। गौ माता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन के प्रति समर्पण को सम्मान देते हुए उदयपुर के शिव शंकर गौशाला, कलडवास में नरेश पूर्बिया को गौ सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। गत दिनों आयोजित कार्यक्रम में उन्हें उपरणा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गौ सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया गया।


नरेश पूर्बिया को यह सम्मान गौ माता की सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। गौ सेवा को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न मानकर जीवों के प्रति करुणा, जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देखने की आवश्यकता है। ऐसे में गौ सेवा के लिए समर्पित व्यक्तियों का सम्मान समाज में सेवा भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।


गौ सेवा के प्रति समर्पण बना सम्मान का आधार


शिव शंकर गौशाला कलडवास में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में नरेश पूर्बिया का अभिनंदन किया गया। गौ सेवा सम्मान के माध्यम से गौ माता की देखभाल, संरक्षण और संवर्धन के प्रति समर्पित प्रयासों को प्रोत्साहन दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गौ सेवा के महत्व को रेखांकित करने के साथ ही समाज में पशु सेवा के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना भी रहा।


गौशालाएं बेसहारा और जरूरतमंद गोवंश की देखभाल, उनके संरक्षण तथा सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में गौ सेवा से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन समाज के अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने की प्रेरणा दे सकता है। नरेश पूर्बिया को मिला यह सम्मान इसी सेवा भावना को सार्वजनिक रूप से पहचान देने का अवसर बना।


गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुआ सम्मान


कार्यक्रम में सचिव शालिनी राजावत ने सम्मान संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि नरेश पूर्बिया को गौ माता की सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौ सेवा सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. जिनेंद्र शास्त्री, डॉ. भूपेंद्र शर्मा, डॉ. गोपेश शर्मा, डॉ. नारायण सिंह चावड़ा, दिनेश माली और मोहन सिंह शक्तावत उपस्थित रहे।


गणमान्य लोगों की मौजूदगी में नरेश पूर्बिया को सम्मानित किए जाने से कार्यक्रम का महत्व बढ़ा। उपरणा ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर किए गए अभिनंदन के माध्यम से गौ सेवा के प्रति समर्पण और योगदान को सम्मान दिया गया।


सेवा कार्यों को सम्मान, समाज को सकारात्मक संदेश


गौ सेवा भारतीय समाज की परंपराओं और जनभावनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है। हालांकि, गोवंश का संरक्षण केवल व्यक्तिगत प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामूहिक भागीदारी, जागरूकता और निरंतर सेवा की आवश्यकता होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से गौ सेवा के महत्व को सामने लाने और समाज को इस दिशा में प्रेरित करने का अवसर मिलता है।


नरेश पूर्बिया को गौ सेवा सम्मान से नवाजा जाना गौ माता की सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति समर्पित प्रयासों के सम्मान का प्रतीक है। यह सम्मान सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के साथ समाज में जीवों के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।