रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल/फलासिया/ओगणा। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के प्रथम चरण के तहत आज, गुरुवार 22 अक्टूबर को उदयपुर जिले की झाड़ोल, फलासिया और ओगणा पंचायत समिति क्षेत्रों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान हो रहा है। लोकतंत्र के इस महापर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज है। प्रत्याशियों की महीनों की मेहनत, जनसंपर्क, गांव-ढाणी की बैठकों और मतदाताओं के बीच किए गए वादों की असली परीक्षा आज मतदान केंद्रों पर हो रही है।
बुधवार, 21 अक्टूबर को मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देने के बाद निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया था। मतदान दलों के बूथों पर पहुंचने के साथ ही चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। अब मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर जिला परिषद और पंचायत समिति में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए ईवीएम के माध्यम से मतदान कराया जा रहा है।
तीन पंचायत समितियां, 242 मतदान केंद्र और 1.86 लाख से अधिक मतदाता
झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में पंचायतीराज चुनाव का यह चरण राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। उपलब्ध निर्वाचन आंकड़ों के अनुसार झाड़ोल, फलासिया और ओगणा पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 242 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। तीनों क्षेत्रों में कुल 1,86,221 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं।
तीनों पंचायत समितियों के चुनावी आंकड़े इस प्रकार हैं—
झाड़ोल पंचायत समिति: यहां 91 मतदान केंद्रों पर कुल 71,380 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 36,033 पुरुष और 35,347 महिला मतदाता शामिल हैं। पंचायत समिति के 15 वार्डों में 44 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
फलासिया पंचायत समिति: यहां 94 मतदान केंद्रों पर 72,935 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 37,349 पुरुष और 35,586 महिला मतदाता शामिल हैं। पंचायत समिति के 15 वार्डों में 49 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है।
ओगणा पंचायत समिति: यहां 57 मतदान केंद्रों पर कुल 41,906 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 21,436 पुरुष, 20,469 महिला और एक ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। पंचायत समिति के 15 वार्डों में 39 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
इन आंकड़ों के आधार पर तीनों पंचायत समितियों में कुल 242 मतदान केंद्रों पर 1,86,221 मतदाताओं के लिए मतदान की व्यवस्था की गई है।
जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए अलग-अलग ईवीएम से मतदान
आज के मतदान में मतदाताओं को जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य, दोनों पदों के लिए अपना मत देना है। इसके लिए दोनों पदों की अलग-अलग ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ग्रामीण मतदाताओं के लिए यह चुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि जिला परिषद और पंचायत समिति के जनप्रतिनिधि ग्रामीण विकास, स्थानीय जरूरतों को प्रशासन तक पहुंचाने और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार, सिंचाई, ग्रामीण संपर्क मार्ग और जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे मुद्दे मतदाताओं की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में मतदान केवल प्रत्याशी चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अगले कार्यकाल के लिए ग्रामीण विकास की दिशा तय करने का अवसर भी है।
बुधवार को ही बूथों पर पहुंच गई थीं पोलिंग पार्टियां
प्रथम चरण के मतदान को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बुधवार को मतदान दलों की रवानगी की गई। प्रशिक्षण और आवश्यक चुनाव सामग्री प्राप्त करने के बाद दलों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए भेजा गया।
मतदान दलों की समय पर तैनाती चुनाव प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारी, ईवीएम संबंधी प्रक्रियाओं और निर्धारित समय पर मतदान शुरू कराने में मदद मिलती है।
प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करना है। मतदाताओं से भी अपेक्षा है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए अपने मताधिकार का उपयोग करें।
झाड़ोल के 15 वार्डों में 44 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
झाड़ोल पंचायत समिति के 15 वार्डों में 44 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां मुकाबला केवल राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि स्थानीय जनसंपर्क, प्रत्याशियों की सक्रियता, ग्रामीण मुद्दों और मतदाताओं के विश्वास की भी परीक्षा है।
झाड़ोल क्षेत्र में ग्रामीण विकास की जरूरतें काफी व्यापक हैं। दूरस्थ फलियों और ढाणियों तक सड़क सुविधा, पेयजल की उपलब्धता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना जैसे विषय स्थानीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मतदाता आज अपने मत के माध्यम से यह संदेश देंगे कि वे किस प्रत्याशी को क्षेत्र की समस्याओं को पंचायत समिति तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने योग्य मानते हैं।
फलासिया में 49 प्रत्याशियों की चुनावी परीक्षा
फलासिया पंचायत समिति के 15 वार्डों में 49 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। तीनों पंचायत समितियों में फलासिया में सर्वाधिक 94 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यहां 72,935 मतदाता चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हैं।
फलासिया के ग्रामीण अंचलों में मतदाताओं की भूमिका निर्णायक रहने वाली है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के लिए गांव-गांव तक पहुंचना, लोगों की समस्याओं को समझना और उनके बीच भरोसा कायम करना महत्वपूर्ण रहा है।
आज मतदान के दौरान यह देखने को मिलेगा कि मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों के व्यक्तिगत संपर्क, राजनीतिक दलों के प्रभाव और विकास संबंधी अपेक्षाओं में से किन पहलुओं को अधिक महत्व दिया है।
ओगणा में 57 मतदान केंद्रों पर होगा मतदान
ओगणा पंचायत समिति क्षेत्र में 15 वार्डों के लिए 39 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। यहां 57 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 41,906 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं।
ओगणा क्षेत्र में भी ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय जरूरतों को लेकर मतदाताओं की अपेक्षाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। चुनाव में प्रत्याशियों की जीत-हार का फैसला मतदाताओं के मतदान से होगा।
इस क्षेत्र में प्रत्येक मत की अहमियत है। लोकतंत्र में किसी प्रत्याशी की वास्तविक ताकत का निर्धारण चुनावी दावों से नहीं, बल्कि मतदान और उसके बाद होने वाली मतगणना से होता है।
25 जिला परिषद वार्डों और 160 पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों में प्रथम चरण का मुकाबला
उदयपुर जिले में प्रथम चरण के तहत कुल 10 पंचायत समिति क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान हो रहा है। जिले में इस चरण के अंतर्गत जिला परिषद के 25 वार्डों पर 65 प्रत्याशी और पंचायत समिति के 160 निर्वाचन क्षेत्रों में 435 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
इस प्रकार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए जिले में कुल 500 प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं। वहीं, प्रथम चरण के सभी 10 पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 826 मतदान केंद्रों पर 7,32,667 मतदाताओं के मतदान करने की व्यवस्था की गई है।
इनमें 3,70,654 पुरुष, 3,62,011 महिला और दो ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
मतदाताओं के फैसले से तय होगी ग्रामीण राजनीति की दिशा
पंचायतीराज चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल हैं। इन चुनावों में मतदाता अपने आसपास के परिचित चेहरों, स्थानीय समस्याओं और विकास की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं।
राजनीतिक दलों के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय नेतृत्व की स्वीकार्यता का संकेत देते हैं।
हालांकि, किसी भी प्रत्याशी की जीत या हार का अनुमान केवल चुनावी प्रचार के आधार पर लगाना उचित नहीं होगा। वास्तविक तस्वीर मतदान समाप्त होने और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।
24 अक्टूबर को पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान
प्रथम चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान के बाद ग्रामीण चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण पंच और सरपंच पदों के लिए होगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 अक्टूबर को पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीण मतदाताओं को जिला परिषद और पंचायत समिति के साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर पर भी अपने प्रतिनिधियों के चयन का अवसर मिलेगा।
आज मतदाता लिखेंगे लोकतंत्र का नया अध्याय
झाड़ोल, फलासिया और ओगणा में आज का मतदान ग्रामीण राजनीति के लिए महत्वपूर्ण दिन है। 242 मतदान केंद्रों पर होने वाली मतदान प्रक्रिया में हजारों परिवारों की भागीदारी क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगी।
किस प्रत्याशी को जनता का समर्थन मिलेगा, किस दल का संगठन मजबूत साबित होगा और किन स्थानीय मुद्दों का मतदाताओं पर अधिक प्रभाव पड़ेगा—इन सभी सवालों के जवाब मतदान के बाद सामने आएंगे।
लोकतंत्र की असली ताकत मतदाता के हाथ में है। चुनावी मैदान में प्रत्याशी अनेक हैं, लेकिन अंतिम फैसला जनता की मुहर से ही होगा। आज झाड़ोल, फलासिया और ओगणा के मतदाता अपने मताधिकार के माध्यम से ग्रामीण नेतृत्व और विकास की दिशा तय करेंगे।
