रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल
झाड़ोल/गरणवास।
ग्राम पंचायत गरणवास में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नव निर्मित प्रार्थना स्थल (हॉल) भवन का उद्घाटन समारोह श्रद्धा, उत्साह और जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन न केवल एक निर्माण कार्य का उद्घाटन था, बल्कि शिक्षा और संस्कारों के संगम का प्रतीक बनकर उभरा।
कार्यक्रम परम पूज्य ब्रह्मचारी गुलाबदास महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित हुआ। उनके आशीर्वचन से पूरे कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ और उपस्थित जनसमूह ने धर्म एवं शिक्षा के महत्व को आत्मसात किया।
भवन का विधिवत उद्घाटन राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रार्थना स्थल जैसे भवन विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता और नैतिक मूल्यों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं पूर्व देहात जिला अध्यक्ष राजराणा गुणवन्त सिंह झाला रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि गांवों में इस प्रकार के विकास कार्य सामाजिक एकता और शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा देहात जिला अध्यक्ष एवं उप जिला प्रमुख उदयपुर पुष्कर तेली ने की। उन्होंने ग्राम पंचायत के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, जिला प्रमुख ममता कुंवर, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भंवर सिंह पंवार, भाजपा देहात जिला मंत्री संजय मेहता, जिला प्रवक्ता नीलमराज पुरोहित, मण्डल अध्यक्ष फलासिया भेरूलाल प्रजापत, मण्डल प्रतिनिधि भोपाल सिंह शक्तावत, पूर्व मण्डल अध्यक्ष दाड़म चन्द जैन एवं रतन लाल गुर्जर, जिला परिषद सदस्य धुलाराम भगोरा, प्रधान फलासिया शम्भूलाल कसौटा, उपप्रधान हकरा भाई मीणा, समाजसेवी वजे राम कसौटा, पंचायत समिति सदस्य मोहन लाल गरासिया, समाजसेवी भगवती लाल एवं मण्डल महामंत्री पूरण सिंह पंवार सहित कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
समारोह में ग्राम पंचायत गरणवास द्वारा किए गए इस निर्माण कार्य की सभी अतिथियों ने सराहना की और इसे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा अंत में आभार प्रकट किया गया। पूरे आयोजन में ग्रामीणों, विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था, जिससे गरणवास में एक उत्सव जैसा माहौल बन गया।
