एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क
उदयपुर। उदयपुर-ईडर नेशनल हाईवे 58-ई पर स्थित खेरिया घाटा और रणघाटी क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं ने आमजन और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में 22 अप्रैल बुधवार को रणघाटी में पोषाहार से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पहाड़ी से टकरा गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई और लाखों रुपए का सरकारी पोषाहार जलकर राख हो गया। इस घटना के बाद 24 अप्रैल को खेरिया घाटा में एक और बड़ी समस्या सामने आई, जब भुसे से भरा ओवरलोड मिनी ट्रक का एक्सल टूट गया और बीच सड़क पर ही वाहन फंस गया, जिससे नेशनल हाईवे पर करीब दो घंटे तक लंबा जाम लग गया।
रणघाटी में हुए हादसे के दौरान ट्रक कोटा से पोषाहार भरकर फलासिया क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर जा रहा था। घाट सेक्शन में अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रक पहाड़ी से टकराब गया और टक्कर के तुरंत बाद आग भड़क उठी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही समय में पूरा ट्रक उसकी चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक ट्रक और उसमें रखा पोषाहार पूरी तरह जल चुका था।
इसके ठीक दो दिन बाद 24 अप्रैल को खेरिया घाटा में भुसे से भरा एक ओवरलोड मिनी ट्रक चलते-चलते खराब हो गया। ट्रक का एक्सल टूटने के कारण वाहन बीच सड़क पर ही अटक गया। घाटा क्षेत्र में सड़क संकरी और सिंगल लेन होने के कारण देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान बसें, ट्रक और दोपहिया वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से ट्रक को हटाकर करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल कराया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नेशनल हाईवे 58-ई पर घाटा सेक्शन में लंबे समय से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। संकरी सड़क, खतरनाक मोड़ और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि जब सड़क का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, तब भी टोल टैक्स की वसूली जारी है। ग्रामीणों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जाए और यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लग सके।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने साफ संकेत दे दिया है कि खेरिया घाटा और रणघाटी क्षेत्र में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में और भी बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहेगी।
