रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल
ओगणा/झाड़ोल। झाड़ोल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत नेताजी का बांरा के राजस्व गांव कपायावास में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। गांव में पिछले तीन महीनों से सरकारी हैंडपंप खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, करीब 50 से अधिक परिवार पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित हैंडपंप खराब होने के बाद ग्रामीणों ने सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 तक कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। भीषण गर्मी में हालात और भी विकट हो गए हैं।
नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर
प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीण अब नालों में गड्ढे (वैरी) खोदकर मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि पशु और इंसान एक ही जल स्रोत से पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
“कोई सुनने वाला नहीं” — ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीण हकरा राम कपाया ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और जलदाय विभाग के अभियंता पन्नालाल गरासिया से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द हैंडपंप ठीक नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे।
बड़ा सवाल
भीषण गर्मी में पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को इस तरह जूझना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विकास के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं?
