एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क
NH-58E पर रणघाटी और खेरिया घाटा बने ‘मौत के घाट’, वर्षों से अधूरे निर्माण पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
झाड़ोल/उदयपुर। झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी जनसमस्या बन चुके उदयपुर-ईडर नेशनल हाईवे-58E के अधूरे निर्माण को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र की जनता की सुरक्षा और विकास के लिए लगातार संघर्ष कर रहे एडवोकेट एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी सुनील कुमार भजात की मुहिम ने ऐसा असर दिखाया है कि मामला पहले जयपुर और अब सीधे दिल्ली तक पहुंच गया है।
सबसे पहले सुनील भजात ने क्षेत्रवासियों की पीड़ा को शब्द देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विस्तृत पत्र भेजकर NH-58E के अधूरे निर्माण, निर्माण कार्य पूरा होने से पहले टोल वसूली और लगातार हो रहे सड़क हादसों का मुद्दा उठाया था। इस पर अशोक गहलोत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर उदयपुर को कार्रवाई हेतु पत्र अग्रेषित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मुद्दा केवल स्थानीय नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा गंभीर विषय है।
अब इसी मुहिम को और मजबूती देते हुए राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को आधिकारिक पत्र लिखकर अधूरे निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराने की मांग की है।
रणघाटी और खेरिया घाटा: जहां हर सफर बन रहा खतरा
उदयपुर से गुजरात के ईडर को जोड़ने वाला NH-58E दक्षिण राजस्थान की जीवनरेखा माना जाता है, लेकिन झाड़ोल क्षेत्र में स्थित रणघाटी और खेरिया घाटा आज भी अधूरे पड़े हैं। इन दोनों घाट सेक्शनों पर खतरनाक मोड़, अधूरा निर्माण और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार हादसों में अपनों को खो चुके हैं, जबकि हजारों वाहन चालक रोजाना जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। इसके बावजूद वर्षों से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया।
सुनील भजात ने बनाया जनता के दर्द को आंदोलन
क्षेत्र में लगातार बढ़ते हादसों और जनता की परेशानी को देखते हुए सुनील कुमार भजात ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने न केवल प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित किया बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी इस दिशा में सक्रिय किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सुनील भजात लगातार यह मुद्दा नहीं उठाते तो शायद यह मामला जयपुर और दिल्ली तक नहीं पहुंचता। उनकी पहल के बाद ही पहले अशोक गहलोत ने संज्ञान लिया और अब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
गडकरी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
टीकाराम जूली ने अपने पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया है कि NH-58E का अधूरा निर्माण क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। जनहित और सड़क सुरक्षा को देखते हुए अधूरे पड़े निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाना चाहिए।
जनता में उम्मीद, जल्द मिलेगा समाधान
लगातार उठती आवाज़ और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच अब झाड़ोल क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि वर्षों से अधूरी पड़ी रणघाटी और खेरिया घाटा परियोजना जल्द पूरी होगी। इससे हादसों पर अंकुश लगेगा, यात्रा सुरक्षित होगी और राजस्थान-गुजरात के बीच व्यापार एवं आवागमन को नई रफ्तार मिलेगी।
बड़ी बात
एक ही मुद्दे पर पहले अशोक गहलोत का संज्ञान, फिर टीकाराम जूली का गडकरी को पत्र
सुनील भजात की मुहिम ने NH-58E के अधूरे निर्माण को बना दिया प्रदेश से लेकर केंद्र तक का बड़ा मुद्दा
