रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
तहसीलदार सीताराम बोरीवाल की तत्परता से शिविर में ही सुधरा रिकॉर्ड, प्रार्थी को मिली बड़ी राहत
झाड़ोल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन संकल्प और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "जन-जन तक प्रशासन" के विजन को साकार करती राजस्थान सरकार की ग्राम सेवा शिविर योजना ग्रामीण अंचलों में राहत का नया अध्याय लिख रही है। पंचायत समिति झाड़ोल की ग्राम पंचायत अटाटिया में आयोजित ग्राम सेवा शिविर में राजस्व विभाग ने एक ऐसा कार्य कर दिखाया, जिसने आमजन का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत कर दिया।
शिविर में पहुंचे एक ग्रामीण ने अपनी पीड़ा बताते हुए आवेदन प्रस्तुत किया कि सरकारी राजस्व अभिलेखों में उसकी माता का नाम गलत दर्ज होने के कारण परिवार को लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वर्षों से लंबित इस समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे प्रार्थी को शायद अंदाजा भी नहीं था कि उसकी परेशानी का निपटारा उसी दिन शिविर में हो जाएगा।
शिविर प्रभारी तहसीलदार सीताराम बोरीवाल ने दिखाई संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता
मामले की गंभीरता को समझते हुए शिविर प्रभारी तहसीलदार सीताराम बोरीवाल ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड की गहन समीक्षा कर धारा 136 के तहत आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ करवाई। उनके कुशल नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रशासनिक दक्षता के चलते वर्षों पुरानी त्रुटि का निराकरण शिविर स्थल पर ही संभव हो सका।
तहसीलदार बोरीवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा आमजन को राहत पहुंचाने की है और ग्राम सेवा शिविरों का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
अधिकारियों की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस उल्लेखनीय कार्रवाई में शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य किया।
उपखण्ड अधिकारी कपिल कोठारी ने प्रार्थी की समस्या सुनकर तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
तहसीलदार सीताराम बोरीवाल ने आवेदन की समीक्षा एवं प्रक्रिया को गति प्रदान की।
विकास अधिकारी जितेन्द्र सिंह राजावत ने प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया।
भू-अभिलेख निरीक्षक नाथूलाल ने रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करवाई।
पटवारी नितीश गरासिया ने मौके पर रिकॉर्ड अपडेट कर नाम संशोधन की प्रक्रिया पूर्ण की।
मौके पर सुधरा रिकॉर्ड, प्रार्थी के चेहरे पर लौटी मुस्कान
राजस्व विभाग की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप रिकॉर्ड में दर्ज माता का नाम सही कर दिया गया और आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन किया गया। वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान होते ही प्रार्थी और उसके परिवार के चेहरे पर राहत और संतोष साफ दिखाई दिया।
ग्रामीणों ने की प्रशासन की सराहना
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने राजस्व विभाग, तहसीलदार सीताराम बोरीवाल और पूरी प्रशासनिक टीम की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इसी प्रकार प्रशासन गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान करता रहा तो आमजन का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।
ग्राम सेवा शिविर में हुई यह कार्रवाई न केवल राजस्व विभाग की कार्यकुशलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सरकार की योजनाएं जब संवेदनशील अधिकारियों के माध्यम से धरातल पर उतरती हैं तो आमजन को वास्तविक राहत मिलती है। प्रशासन का यह प्रयास "समय पर समाधान, हमारी पहचान" के संकल्प को पूरी तरह सार्थक करता नजर आया।
