झाड़ोल में कलेक्टर की चौपाल: 20 साल पुराने डूब क्षेत्र विवाद से लेकर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली तक गूंजे जनमुद्दे
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

चंदवास में रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने खोला समस्याओं का पिटारा, मानसी वाकल डूब क्षेत्र से बाहर की जमीन किसानों को लौटाने और आबादी के पट्टे जारी करने की उठी पुरजोर मांग

झाड़ोल। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल शुक्रवार को झाड़ोल क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने ग्राम पंचायत चंदवास में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। चौपाल में क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं से लेकर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे प्रमुखता से उठे। इनमें सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा मानसी वाकल बांध के डूब क्षेत्र से जुड़ा करीब 20 वर्ष पुराना विवाद रहा।

20 साल पुराने डूब क्षेत्र विवाद ने फिर खींचा ध्यान

चंदवास के ग्रामीणों एवं किसानों ने जिला कलेक्टर के समक्ष मानसी वाकल परियोजना से जुड़े पुराने मामले को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो दशक पूर्व मानसी वाकल परियोजना के तहत भराव सीमा से बाहर स्थित कृषि खातेदारी एवं आबादी भूमि को भी सिंचाई विभाग खंड द्वितीय द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया था।

ग्रामीणों ने मांग रखी कि भराव सीमा से बाहर की भूमि को पुनः अधिग्रहण क्षेत्र से मुक्त कर किसानों को खातेदारी हक प्रदान किए जाएं तथा आबादी क्षेत्र के पट्टे जारी किए जाएं।

ग्रामीणों का कहना था कि वर्षों से लंबित इस विवाद के कारण अनेक परिवार अपने भूमि संबंधी अधिकारों से वंचित हैं। चौपाल में यह मुद्दा सबसे प्रमुखता से सामने आया और ग्रामीणों ने इसके स्थायी समाधान की मांग की।

2016 में स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्र, आज भी भवन का इंतजार

रात्रि चौपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2016 में आदर्श ग्राम पंचायत चंदवास के लिए प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किया गया था। इसके लिए भूमि का पट्टा भी जारी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद आज तक भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया।

ग्रामीणों ने बताया कि चंदवास के साथ आसपास की करीब तीन पंचायतों के लोगों को उपचार के लिए लगभग 10 किलोमीटर दूर झाड़ोल जाना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माण जल्द शुरू करवाने की मांग जिला कलेक्टर के समक्ष रखी।

ब्राह्मणों का खेरवाड़ा-ढढावली सड़क की बदहाली का मुद्दा

चौपाल में ब्राह्मणों का खेरवाड़ा से ढढावली तक क्षतिग्रस्त सड़क का मुद्दा भी सामने आया। ग्रामीणों ने सड़क के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए बताया कि खराब सड़क के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में रिक्त शिक्षक पदों को भरने, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी जिला कलेक्टर के समक्ष रखी गईं।

कलेक्टर ने गंभीरता से सुनी परिवेदनाएं, अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं और परिवेदनाओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से प्रकरणों के संबंध में जानकारी ली तथा पात्र मामलों में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने तथा समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चौपाल में अचानक छाया अंधेरा, बिजली व्यवस्था पर भी उठे सवाल

रात्रि चौपाल के दौरान बिजली व्यवस्था का मुद्दा भी चर्चा में रहा। ग्रामीणों ने बताया कि 132 केवी गोगुंदा ग्रिड से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण करीब 20 मिनट तक पूरे झाड़ोल क्षेत्र में अंधेरा छा गया।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग एवं ग्राम पंचायत स्तर पर वैकल्पिक बैकअप व्यवस्था विकसित करने की मांग रखी, ताकि भविष्य में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

चुनावी तैयारियों का भी लिया जायजा

रात्रि चौपाल से पहले जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने पालियाखेड़ा स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया।

इसके बाद उन्होंने जे.आर. शर्मा कॉलेज एवं राजस्थान विद्यापीठ परिसर में संभावित स्ट्रांग रूम स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, पहुंच मार्ग और भवन की उपयुक्तता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को चुनाव से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

एसडीओ कार्यालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा

दौरे के दौरान जिला कलेक्टर ने झाड़ोल उपखंड अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व एवं अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमानुसार लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

इस दौरान झाड़ोल उपखंड अधिकारी चिमनलाल मीणा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़िया, तहसीलदार सीताराम बोलीवाल, विकास अधिकारी शैलेन्द्र खींची सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

खास बात यह रही कि चंदवास की रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने केवल तात्कालिक समस्याएं ही नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित भूमि, स्वास्थ्य और सड़क जैसे गंभीर मुद्दों को भी सीधे जिला प्रशासन के सामने रखा। अब ग्रामीणों की नजरें इन मामलों में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।