झाड़ोल की बेटी काव्या अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगी हुनर
Total Views : 554
Zoom In Zoom Out Read Later Print

रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल। झाड़ोल की धरती पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां की बेटियां अब अपनी मेहनत, मेधा और नवाचार के दम पर देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। इसका शानदार उदाहरण सामने आया है स्वामी विवेकानंद गवर्नमेंट मॉडल स्कूल, गोगला, झाड़ोल की प्रतिभावान छात्रा काव्या तेली, पुत्री पारसमल तेली, के रूप में। काव्या का चयन अपने AI एवं Robotics प्रोजेक्ट के प्रस्तुतीकरण एवं प्रदर्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कार्यक्रम में हुआ है। हैदराबाद में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में काव्या अपने प्रोजेक्ट का प्रदर्शन करते हुए उदयपुर का प्रतिनिधित्व करेंगी। काव्या की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, अभिभावकों और पूरे झाड़ोल क्षेत्र में खुशी की लहर है।

Makers Lab ने दिखाई प्रतिभा को उड़ान

काव्या की यह सफलता अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे उसकी निरंतर मेहनत, जिज्ञासा, लगन और रचनात्मक सोच है। विद्यालय में उद्यम एसोसिएशन द्वारा संचालित Makers Lab में काव्या ने विभिन्न रचनात्मक एवं तकनीकी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान उसने नए विचारों को प्रयोग में बदलने की दिशा में लगातार काम किया।

सहायक सूरजमल पटेल के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और नवाचारात्मक विचारों ने काव्या की प्रतिभा को नई दिशा दी। काव्या ने Makers Lab में अनेक उत्कृष्ट प्रोजेक्ट तैयार किए, जिनमें Artificial Intelligence और Robotics आधारित प्रोजेक्ट विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। उसकी मेहनत, तकनीकी रुचि और सृजनात्मक सोच ने उसे उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां अब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन करेगी।

सरकारी स्कूल की छात्रा ने रचा गौरव का नया अध्याय

काव्या का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वामी विवेकानंद गवर्नमेंट मॉडल स्कूल गोगला, झाड़ोल और पूरे उदयपुर जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि यह भी साबित करती है कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी उचित मार्गदर्शन, बेहतर अवसर और अपनी मेहनत के बल पर आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

काव्या के चयन की सूचना मिलते ही विद्यालय में उत्साह का माहौल बन गया। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने काव्या को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार का कहना है कि काव्या की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और उन्हें विज्ञान, तकनीक, AI एवं Robotics के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा।

प्रधानाचार्य बोले—प्रतिभा को अवसर मिले तो आसमान भी छोटा

विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार कोडिया ने काव्या की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन, उचित अवसर, निरंतर मेहनत और रचनात्मक सोच के माध्यम से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी AI एवं Robotics जैसी आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने काव्या की सफलता को विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

वहीं विज्ञान शिक्षक अशोक कुमार कोडिया ने कहा कि काव्या ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और परिश्रम से विद्यालय, परिवार और पूरे झाड़ोल क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि काव्या की यह उपलब्धि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अब हैदराबाद में गूंजेगा झाड़ोल का नाम

झाड़ोल की इस होनहार बेटी ने अपनी प्रतिभा के दम पर स्थानीय स्तर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। अब हैदराबाद में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में काव्या अपने AI एवं Robotics प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण एवं प्रदर्शन करेंगी। वहां वह अपनी वैज्ञानिक सोच और तकनीकी प्रतिभा से उदयपुर का प्रतिनिधित्व करेंगी।

विद्यालय परिवार ने काव्या तेली को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए हैदराबाद में होने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। काव्या का अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना झाड़ोल की बेटियों और विद्यार्थियों के लिए उम्मीद, हौसले और नई उड़ान की कहानी है।