रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। केंद्र एवं राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘विकसित भारत जन सेवा अभियान’ के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मो. फलासिया के अंतर्गत आने वाले विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ का आयोजन उत्साह, सेवा भावना और गरिमामय वातावरण में किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS) तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण स्वास्थ्य, पोषण, मातृ-शिशु देखभाल और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में जुटे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को और प्रभावी बनाना, सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना तथा स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग के मैदानी अमले का उत्साहवर्धन करना रहा। कार्यक्रम के दौरान आशा सहयोगिनियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनके समर्पित कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
मगवास में जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य टीम की मौजूदगी में आयोजन
ग्राम पंचायत मगवास में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि झाड़ोल पूर्व प्रधान राधा देवी रहीं, जबकि अध्यक्षता प्रशासक मंजू देवी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर नितिन कुमार वर्मा मौजूद रहे। वहीं सीएचओ नरेश पूर्बिया एवं एएनएम मंजू सुंडा सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्मिकों की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सरकार की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में इन कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। गांव के प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य जागरूकता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी संदेश पहुंचाने में ये कार्यकर्ता लगातार जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
बदराणा और उपली मेड़ी में भी हुआ आंगन मिलन कार्यक्रम
इसी क्रम में बदराणा एवं उपली मेड़ी केंद्रों पर भी आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां पीएचसी मो. फलासिया की एलएचवी सुमित्रा खटीक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को ग्रामीण परिवारों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर किया सम्मान
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण आशा सहयोगिनियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान रहा। अतिथियों द्वारा क्षेत्र की कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट एवं समर्पित कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए तथा पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था की अग्रिम पंक्ति हैं आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी पात्र परिवारों तक पहुंचाने में इनकी भूमिका सीधे गांव के स्तर पर दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल कागजों पर योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने से सुनिश्चित होती है और इस कार्य में मैदानी स्तर पर कार्यरत आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी अहम है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों एवं अतिथियों ने कार्यकर्ताओं के सेवा भाव और समर्पण की सराहना की।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम ने एक ओर जहां स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को लेकर जागरूकता का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर गांवों में लगातार सेवाएं दे रहे आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मान देकर उनके मनोबल को बढ़ाने का भी कार्य किया।
