मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा 589 दिन तक चली कानूनी प्रक्रिया, 126 तारीखों पर हुई सुनवाई और 22 से अधिक गवाहों के बयान रहे मामले के प्रमुख पड़ाव
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एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र लोहार, डेस्क

589 दिन तक चली कानूनी प्रक्रिया, 126 तारीखों पर हुई सुनवाई और 22 से अधिक गवाहों के बयान रहे मामले के प्रमुख पड़ाव

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड को लेकर सामने आई खबर के अनुसार, सौरभ हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले ने हत्या, सबूत मिटाने और लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के कारण देशभर में चर्चा बटोरी थी।

क्या था पूरा मामला?

खबर के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात हुई इस वारदात में सौरभ की हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट का घोल डाल दिया गया था। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में मुस्कान तथा साहिल को गिरफ्तार किया गया।

589 दिन तक चली कानूनी प्रक्रिया

मामले की सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सौरभ की हत्या से सजा सुनाए जाने तक 589 दिन लगे। अदालत में सुनवाई के लिए 126 तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले की गंभीरता के चलते यह प्रकरण लगातार सुर्खियों में बना रहा।

पेशी के दौरान भी चर्चा में रहे आरोपी

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों के अदालत में पेश होने, गवाहों के बयान और अन्य घटनाक्रमों ने लोगों का ध्यान खींचा। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या के बाद दोनों के शिमला जाने और होली मनाने से जुड़ी तस्वीरें भी सामने आई थीं।

न्यायिक फैसले पर टिकी निगाहें

इस मामले में अदालत के फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर लोगों की निगाहें बनी हुई हैं। मृतक सौरभ के परिवार के लिए यह मामला न्याय की लंबी लड़ाई से जुड़ा रहा।