रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में झाड़ोल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रकरण में संलिप्त विधि उल्लंघनकर्ता किशोर को डिटेन किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सहायता और लगातार जांच के जरिए कार्रवाई को अंजाम दिया। पूछताछ के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए किशोर को बाल संप्रेषण गृह, उदयपुर में दाखिल कराया गया।
पुलिस थाना झाड़ोल से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत 16 सितंबर 2026 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट से हुई। परिवादी ने पुलिस को बताया कि उसके छोटे भाई की नाबालिग बेटी, जो 12वीं कक्षा में अध्ययनरत है, स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर विभिन्न स्थानों पर तलाश की, लेकिन बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस से उसकी तलाश करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
मामला दर्ज होते ही शुरू हुई जांच, हर पहलू पर जुटाए साक्ष्य
नाबालिग के लापता होने की गंभीरता को देखते हुए झाड़ोल थाने में प्रकरण संख्या 157/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। पुलिस ने परिवादी और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने गहन अनुसंधान करने और प्रकरण के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा रजत विश्नोई और झाड़ोल वृत्ताधिकारी विवेक सिंह के सुपरविजन में झाड़ोल थानाधिकारी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज की।
तकनीकी सहायता और लगातार पीछा कर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता के साथ मामले की गहन छानबीन की। लगातार अनुसंधान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना के बाद फरार चल रहे विधि उल्लंघनकर्ता किशोर को डिटेन किया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137(2) एवं 64(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3, 4, 16 और 17 के तहत प्रकरण में उल्लिखित कानूनी कार्रवाई की।
इसके बाद नियमानुसार किशोर को बाल संप्रेषण गृह, उदयपुर में दाखिल कराया गया।
थानाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने संभाली जिम्मेदारी
इस कार्रवाई में झाड़ोल थानाधिकारी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में एएसआई सतीश चंद्र, कांस्टेबल बालकृष्ण, महिला कांस्टेबल सविता, कांस्टेबल लक्ष्मीलाल, चालक कांस्टेबल उमेश कुमार तथा जिला उदयपुर की साइबर सेल टीम शामिल रही।
झाड़ोल पुलिस की यह कार्रवाई नाबालिग से जुड़े गंभीर प्रकरण में त्वरित अनुसंधान और तकनीकी सहायता के महत्व को सामने लाती है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित जांच और न्यायिक प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी।
