दुर्गम पहाड़ियों के बीच गांजे की खेती का खुलासा, ओगणा पुलिस ने 1 क्विंटल से ज्यादा हरे पौधे किए जब्त
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल/ओगणा। उदयपुर जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता एवं कार्रवाई अभियान के तहत ओगणा थाना पुलिस ने अवैध गांजे की खेती का खुलासा किया है। पुलिस ने लांबी सेमल गांव में एक मकान के पास स्थित खेत से गांजे के हरे पौधे जब्त किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जब्त पौधों का कट्टों सहित कुल वजन 1 क्विंटल 12 किलो 77 ग्राम दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश और मामले में आगे की जांच की जा रही है।


पुलिस की इस कार्रवाई में सबसे अहम बात यह रही कि गांजे के पौधे किसी खुले और आसानी से पहुंच वाले स्थान पर नहीं, बल्कि खेत में मक्के की फसल, घास और झाड़ियों की आड़ में उगाए जा रहे थे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर पुलिस टीम ने मौके की जांच की और पौधों को जब्त करने की कार्रवाई पूरी की।


मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई


पुलिस के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत विश्नोई और झाड़ोल वृत्ताधिकारी विवेक सिंह के सुपरविजन में ओगणा थाना पुलिस को 16 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी।


सूचना में बताया गया कि लांबी सेमल निवासी लच्छा गरासिया ने अपने घर के पास खेत में बांस और पेड़ों की झाड़ियों की बाड़ बनाकर गांजे के हरे पौधे उगा रखे हैं। पुलिस को आशंका थी कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो पौधों को नष्ट किया जा सकता है।


सूचना की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी रामरूप मीणा ने तत्काल कार्रवाई की तैयारी की। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 42 के तहत सूचना को दर्ज कर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई गई और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के लिए विशेष वाहक रवाना किया गया।


गवाह जुटाने में आई परेशानी, पुलिस ने अपनाई कानूनी प्रक्रिया


पुलिस टीम कार्रवाई के लिए रवाना हुई तो रास्ते में स्वतंत्र गवाहों को शामिल करने का प्रयास किया गया। हालांकि, पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कानूनी कार्रवाई में उलझने और आपसी दुश्मनी की आशंका के कारण गवाह बनने से इनकार कर दिया।


इसके बाद पुलिस दल में शामिल सहायक उपनिरीक्षक किशन सिंह और कांस्टेबल रामधन को गवाह के रूप में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई गई। लिखित सहमति के बाद पुलिस टीम आगे बढ़ी।


यह घटनाक्रम कार्रवाई के दौरान पुलिस के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को भी दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लोग पुलिस कार्रवाई में गवाह बनने से बचते हैं, ऐसे में नियमानुसार दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण हो जाता है।


पुलिस को देखकर खेत में काम कर रहा व्यक्ति भागा


पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम दोपहर करीब 2:30 बजे मुखबिर की सूचना के आधार पर लांबी सेमल की पहाड़ी पर स्थित खेत तक पहुंची। वहां एक व्यक्ति मकान के बाहर खेत में गांजे के हरे पौधों की कटाई करता दिखाई दिया।


पुलिस टीम को वर्दी में देखकर वह व्यक्ति कटे हुए पौधों को मौके पर छोड़कर पहाड़ियों और जंगल की ओर भाग गया। पुलिस के बीट कांस्टेबल सोहनलाल ने उसकी पहचान लच्छा पुत्र हदा उर्फ अदा गरासिया, उम्र करीब 55 वर्ष, निवासी लांबी सेमल, थाना ओगणा के रूप में की।


इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित मकान के पास और पीछे स्थित खेत की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मक्के की फसल, घास और झाड़ियों के बीच गांजे के हरे पौधे मिले। पुलिस के अनुसार, पौधों पर हरी पत्तियां, फूल और तने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे।


पुलिस ने मौके पर मिले पौधों को जब्त कर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की।


15 कट्टों में भरे पौधों का वजन, कुल 112 किलो 77 ग्राम दर्ज


कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जब्त गांजे के हरे पौधों को अलग-अलग प्लास्टिक के कट्टों में भरकर उनका वजन किया। कुल 15 कट्टों का विवरण दिया गया है।


पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कट्टों सहित जब्त पौधों का कुल वजन 1 क्विंटल 12 किलो 77 ग्राम यानी 112.077 किलोग्राम दर्ज किया गया।


यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दर्ज वजन हरे पौधों का कट्टों सहित कुल वजन है। इसे सूखे गांजे या शुद्ध मादक पदार्थ का वजन नहीं माना जाना चाहिए। पौधे हरे होने के कारण सूखने के बाद उनका वजन कम हो सकता है।


पुलिस ने जब्त सामग्री को अलग-अलग पहचान चिह्नों के साथ सील करने और नियमानुसार नमूने लेने की प्रक्रिया का उल्लेख किया है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) जांच के लिए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में नमूने और नियंत्रण नमूने लेने की प्रक्रिया प्रस्तावित थी।


करीब 10 किलोमीटर तक नेटवर्क नहीं, रास्ता भी बना चुनौती


इस कार्रवाई का एक अहम पहलू घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति भी रही। पुलिस के अनुसार, लांबी सेमल पहुंचने के दौरान टीम को दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। करीब 10 किलोमीटर तक किसी प्रकार का नेटवर्क उपलब्ध नहीं था और पुलिस वाहनों के घटनास्थल तक पहुंचने के लिए भी रास्ता नहीं था।


ऐसी स्थिति में पुलिस टीम को पैदल ही दुर्गम पहाड़ियों के बीच घने जंगल से होकर आगे बढ़ना पड़ा। इसी क्षेत्र में खेत के भीतर गांजे के हरे पौधे उगाए जाने की जानकारी मिली थी।


दुर्गम स्थान पर कार्रवाई के दौरान पुलिस को न केवल घटनास्थल तक पहुंचने की चुनौती का सामना करना पड़ा, बल्कि मौके पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने, जब्त सामग्री का वजन करने, उसकी पहचान दर्ज करने और दस्तावेज तैयार करने जैसे कार्य भी करने पड़े।


कांस्टेबल रामधन मीणा की विशेष भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।


एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला, आगे की जांच फलासिया थाना प्रभारी को


पुलिस ने बताया गया कि आरोपी द्वारा बिना वैध लाइसेंस या अनुमति के गांजे के पौधे उगाने का मामला सामने आने पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत कार्रवाई की गई।


जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस टीम सामग्री के साथ थाने पहुंची। मामले में प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जानी थी तथा आगे का अनुसंधान फलासिया थाने के थानाधिकारी वेलाराम उपनिरीक्षक को सौंपा गया।


आरोपी के मौके से फरार होने के कारण उसकी गिरफ्तारी और मामले के अन्य पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण रहेगी। साथ ही, गांजे की खेती के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसका खुलासा भी अनुसंधान के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल इस संबंध में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।


थानाधिकारी रामरूप मीणा के नेतृत्व में टीम ने निभाई भूमिका


इस कार्रवाई में ओगणा थानाधिकारी रामरूप मीणा के नेतृत्व में पुलिस दल शामिल रहा। सहायक उपनिरीक्षक किशन सिंह, सहायक उपनिरीक्षक जयवीर, हेड कांस्टेबल गोपाल, कांस्टेबल मांगीलाल, रामधन मीणा, गणपत सिंह, शैतान सिंह, हेमंत चौबीसा, महिला कांस्टेबल तनुजा, सोहनलाल और चालक भैरूराम की भूमिका रही।


पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करने से लेकर दुर्गम स्थान तक पहुंचने, खेत की तलाशी लेने, पौधों को जब्त करने, उनका वजन दर्ज करने और आवश्यक दस्तावेज तैयार करने तक की प्रक्रिया पूरी की।


कार्रवाई से क्या निकलेगा बड़ा संदेश?


ओगणा थाना क्षेत्र की यह कार्रवाई मादक पदार्थों की अवैध खेती पर निगरानी के महत्व को सामने लाती है। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में खेतों, झाड़ियों तथा जंगलों की आड़ में की जाने वाली गतिविधियों का पता लगाने के लिए स्थानीय सूचनाओं, सतर्क पुलिसिंग और कानूनी प्रक्रिया के समन्वय की आवश्यकता रहती है।


इस मामले में मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके तक पहुंचकर पौधे जब्त किए। अब आगे की जांच में जब्त सामग्री की फॉरेंसिक रिपोर्ट, आरोपी की गिरफ्तारी और खेती से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।


फिलहाल पुलिस कार्रवाई का केंद्र अवैध गांजे की खेती का खुलासा और पौधों की जब्ती है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।