ग्रीष्मावकाश में साक्षरता अभियान के तहत कार्य करने वाले शिक्षकों को मिले उपार्जित अवकाश, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
Total Views : 168
Zoom In Zoom Out Read Later Print

रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल | शिक्षकों के हितों और उनके कार्यों के उचित प्रतिफल से जुड़े मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा), खंड झाड़ोल ने आवाज बुलंद की है। शुक्रवार को संगठन के जिला उपाध्यक्ष शेर सिंह राणावत के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मोरध्वज व्यास को ज्ञापन सौंपकर ग्रीष्मावकाश के दौरान किए गए कार्य के बदले उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने की मांग की।


संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ग्रीष्मावकाश के दौरान जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा, उदयपुर के आदेशानुसार कार्य किया गया था। शिक्षकों ने अवकाश अवधि में भी विभागीय निर्देशों के अनुरूप अपनी जिम्मेदारी निभाई। ऐसे में संगठन ने संबंधित ग्रीष्मावकाश अवधि के लिए नियमानुसार उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने की मांग उठाई है।


ग्रीष्मावकाश में भी निभाई जिम्मेदारी, अब अवकाश स्वीकृति की मांग


शिक्षक संगठन का कहना है कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण अभियान के संचालन में शिक्षकों की भूमिका अहम है। साक्षरता को बढ़ावा देने और निर्धारित विभागीय कार्यों को पूरा करने के लिए शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश के दौरान भी काम करना पड़ा। ऐसे में संगठन चाहता है कि आदेशानुसार किए गए कार्य की अवधि का नियमानुसार आकलन कर शिक्षकों को उपार्जित अवकाश का लाभ दिया जाए।


इस मामले में संगठन की मांग शिक्षकों के कार्य और उनके अवकाश संबंधी अधिकारों से जुड़ी है। शिक्षकों का अवकाश अवधि में विभागीय निर्देशों के तहत कार्य करना और उसके बदले नियमानुसार अवकाश की स्वीकृति प्राप्त करना प्रशासनिक स्तर पर विचारणीय विषय है। संगठन ने इसी मुद्दे को संबंधित अधिकारी के समक्ष रखकर समाधान की पहल की है।


ज्ञापन के जरिए प्रशासन का ध्यान आकर्षित


अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा), खंड झाड़ोल ने ज्ञापन सौंपकर संबंधित अवधि के कार्य का परीक्षण करते हुए नियमानुसार उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने की मांग की। अब इस विषय में संबंधित विभागीय आदेशों, कार्य की अवधि और लागू सेवा नियमों के आधार पर निर्णय लिया जाना महत्वपूर्ण होगा।


शिक्षक संगठन की इस पहल से ग्रीष्मावकाश के दौरान साक्षरता कार्यक्रम में कार्य करने वाले शिक्षकों के अवकाश संबंधी मामले को प्रमुखता मिली है। संगठन की मांग है कि शिक्षकों द्वारा निभाई गई अतिरिक्त जिम्मेदारी पर नियमानुसार विचार कर उचित निर्णय लिया जाए।


संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य रहे मौजूद


ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अध्यक्ष गुणवेंद्र सिंह झाला, मंत्री प्रताप सिंह राणावत, कोषाध्यक्ष नारायण लाल मेघवाल, भूपेंद्र सिंह झाला, पवन जोशी, विजय पोखरणा, सुरेश मेघवाल, अरविंद सिंह झाला, राजेंद्र सिंह सदाना, मोहन लाल लालावत, राधा कृष्ण, सुदर्शन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


अब नजर विभागीय निर्णय पर: ग्रीष्मावकाश में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत कार्य करने वाले शिक्षकों को उपार्जित अवकाश का लाभ मिलेगा या नहीं, यह संबंधित नियमों और विभागीय परीक्षण के आधार पर तय होगा। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचा दी है।