101 कन्याओं का पूजन कर विद्या निकेतन विद्यालय ने दिया नारी सम्मान का बड़ा संदेश, भारतीय संस्कृति और संस्कारों की दिखी अनुपम झलक
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल। भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन करना श्रद्धा, आस्था और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। इसी गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए शुक्रवार को विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, झाड़ोल में शारदीय नवरात्रि के पंचम दिन माँ कात्यायनी के पावन अवसर पर 101 कन्याओं के पूजन का धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं के साथ बालिकाओं के सम्मान और नैतिक संस्कारों के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम में 101 कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर विधि-विधान से पूजन किया गया। कन्याओं को तिलक लगाकर उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया गया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यालय ने विद्यार्थियों और समाज को संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा बालिकाओं का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।


धार्मिक आयोजन के साथ संस्कारों की शिक्षा पर रहा विशेष जोर


विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, झाड़ोल में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास भी किया गया। कार्यक्रम ने यह समझाने का अवसर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, संवेदनशीलता, सेवा भाव और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है।


विद्यालय में इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों के महत्व को समझने की प्रेरणा देते हैं। कन्या पूजन के माध्यम से बालिकाओं के प्रति आदर, सकारात्मक दृष्टिकोण और नारी शक्ति के महत्व का संदेश दिया गया।


विद्यालय प्रबंधन के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन


कार्यक्रम का आयोजन संयोजक संजय भटनागर, लक्ष्मी जैन एवं कैलाश बाघेला के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के संस्था प्रधान लाल सिंह शक्तावत एवं सचिव नंदलाल लक्षकार सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार की सहभागिता ने कार्यक्रम को धार्मिक आस्था, सामूहिक सहयोग और सांस्कृतिक चेतना का स्वरूप प्रदान किया।


कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सीमा कंवर राणावत, चंदा लक्षकार, रेखा कुंवर, भावना लोहार, मधु बाघेला, शोभा जैन एवं मधु सोनी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने कन्या पूजन में सहभागिता निभाते हुए भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।


विद्या निकेतन विद्यालय ने संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को दिया महत्व


झाड़ोल स्थित विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश को भी प्रमुखता से सामने रखा। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन की परंपरा भारतीय समाज में शक्ति, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने और बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।


विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में धार्मिक आस्था, सेवा, समर्पण और नारी सम्मान जैसे नैतिक मूल्यों का विकास करना रहा। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि बालिकाओं का सम्मान केवल किसी धार्मिक अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों के प्रति सम्मान भी हमारे दैनिक व्यवहार का हिस्सा होना चाहिए।


101 कन्याओं के पूजन से दिया समाज को प्रेरणादायी संदेश


विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, झाड़ोल में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को सम्मान देने के साथ नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित किया। माँ दुर्गा के स्वरूप में कन्याओं का पूजन कर विद्यालय परिवार ने श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक सम्मान की भावना को प्रकट किया।


कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—भारतीय संस्कृति की वास्तविक गरिमा तभी साकार होगी, जब कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर पूजने के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उन्हें सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसर भी दिए जाएंगे।


विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, झाड़ोल का यह आयोजन धार्मिक आस्था और संस्कारों के माध्यम से नई पीढ़ी को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम रहा।