झाड़ोल, फलासिया और ओगणा में लोकतंत्र के महापर्व पर उमड़ा जनसैलाब, 242 बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान के साथ 132 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल/फलासिया/ओगणा। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के प्रथम चरण के तहत गुरुवार को उदयपुर जिले की झाड़ोल, फलासिया और ओगणा पंचायत समिति क्षेत्रों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। तीनों पंचायत समिति क्षेत्रों के 242 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुनावी मैदान में उतरे 132 प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में बंद कर दी। मतदान के दौरान ग्रामीण अंचलों में लोकतंत्र के प्रति लोगों की भागीदारी देखने को मिली। पहली बार मतदान करने पहुंचे युवाओं के चेहरों पर खुशी दिखाई दी, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं ने भी मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। पूरे दिन मतदान प्रक्रिया पर निगाहें टिकी रहीं और पुलिस-प्रशासन चुनाव व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आया।


तीनों पंचायत समितियों में मतदान का अंतिम प्रतिशत अलग-अलग रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ओगणा पंचायत समिति क्षेत्र 74.76 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा। झाड़ोल में 74.58 प्रतिशत और फलासिया में 73.58 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तीनों क्षेत्रों में मतदाताओं ने चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी निभाई, हालांकि मतदान प्रतिशत में अंतर भी देखने को मिला।


ओगणा में सर्वाधिक मतदान, झाड़ोल दूसरे और फलासिया तीसरे स्थान पर


तीनों पंचायत समिति क्षेत्रों के मतदान प्रतिशत पर नजर डालें तो ओगणा में 74.76 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि झाड़ोल में 74.58 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोनों क्षेत्रों के बीच महज 0.18 प्रतिशत का अंतर रहा। वहीं फलासिया में 73.58 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।


इस तुलना में ओगणा और झाड़ोल के बीच मतदान प्रतिशत का अंतर बहुत कम रहा, जबकि फलासिया का मतदान प्रतिशत झाड़ोल से 1 प्रतिशत और ओगणा से 1.18 प्रतिशत कम रहा। हालांकि, मतदान प्रतिशत के आधार पर प्रत्याशियों की जीत-हार का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा, क्योंकि चुनाव परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि अलग-अलग प्रत्याशियों को कितने मत प्राप्त हुए।


मतदान प्रतिशत चुनावी भागीदारी का महत्वपूर्ण संकेतक है, लेकिन राजनीतिक समर्थन का वास्तविक आकलन मतगणना के बाद ही हो सकेगा।


झाड़ोल में सुबह धीमी शुरुआत, दोपहर बाद मतदान ने पकड़ी रफ्तार


झाड़ोल पंचायत समिति क्षेत्र में मतदान की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भागीदारी बढ़ती गई। उपलब्ध समयवार आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक 10.47 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोपहर एक बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 37.53 प्रतिशत पहुंच गया। दोपहर तीन बजे तक 51.26 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि शाम छह बजे तक मतदान का आंकड़ा 73.83 प्रतिशत बताया गया।


झाड़ोल के समयवार आंकड़े मतदान की गति में आए बदलाव को दर्शाते हैं। सुबह 10 बजे तक मतदान का प्रतिशत सीमित था, लेकिन अगले तीन घंटों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई। दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच भी मतदान लगातार आगे बढ़ा। इससे पता चलता है कि मतदान के दौरान अलग-अलग समय पर मतदाताओं की भागीदारी में अंतर रहा।


झाड़ोल क्षेत्र में पहली बार मतदान करने पहुंचे युवाओं के लिए यह दिन विशेष रहा। मतदान केंद्रों पर युवा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे तो बुजुर्गों ने भी उम्र की परवाह किए बिना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई। महिलाओं की उपस्थिति ने भी मतदान दिवस की तस्वीर को व्यापक बनाया।


ओगणा में दोपहर बाद बढ़ी मतदान की रफ्तार, अंतिम आंकड़ा 74.76 प्रतिशत


ओगणा पंचायत समिति क्षेत्र में भी सुबह मतदान की शुरुआत के बाद दिन चढ़ने के साथ मतदान की रफ्तार बढ़ती गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक 13.77 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोपहर एक बजे तक मतदान प्रतिशत 38.23 पहुंच गया। दोपहर तीन बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 57.12 प्रतिशत हो गया, जबकि शाम छह बजे तक 61.93 प्रतिशत मतदान दर्ज होने की जानकारी दी गई।


ओगणा में सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे के बीच मतदान प्रतिशत में 24.46 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई। दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच भी 18.89 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन आंकड़ों से दोपहर के समय मतदान में तेजी आने का संकेत मिलता है।


ओगणा पंचायत समिति क्षेत्र का अंतिम मतदान प्रतिशत 74.76 रहा, जो तीनों पंचायत समितियों में सर्वाधिक है। हालांकि, शाम छह बजे तक बताए गए 61.93 प्रतिशत और अंतिम मतदान प्रतिशत 74.76 प्रतिशत के बीच अंतर है। समयवार आंकड़ों का निर्वाचन विभाग से मिलान किए जाने पर ही इस अंतर की सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


फलासिया में 73.58 प्रतिशत मतदान, मतदाताओं ने निभाई जिम्मेदारी


फलासिया पंचायत समिति क्षेत्र में दोपहर एक बजे तक 31.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। दोपहर तीन बजे तक मतदान का प्रतिशत बढ़कर 57.26 पहुंच गया, जबकि शाम छह बजे तक 71 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी दी गई। अंतिम मतदान प्रतिशत 73.58 दर्ज किया गया।


फलासिया में दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच मतदान प्रतिशत में 25.55 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि इस अवधि में मतदान की गति तेज रही। अंतिम आंकड़ों के अनुसार यहां मतदान प्रतिशत झाड़ोल और ओगणा की तुलना में कुछ कम रहा, लेकिन 73.58 प्रतिशत मतदान ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।


तीनों पंचायत समितियों के समयवार आंकड़ों से यह भी सामने आता है कि मतदान की गति पूरे दिन एक समान नहीं रही। सुबह, दोपहर और शाम के अलग-अलग समय पर मतदाताओं की उपस्थिति में अंतर रहा।


पहली बार वोट डालने पहुंचे युवाओं के चेहरों पर दिखी खुशी


झाड़ोल क्षेत्र में मतदान दिवस की सबसे खास तस्वीरों में पहली बार मतदान करने पहुंचे युवाओं का उत्साह शामिल रहा। पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करना उनके लिए एक यादगार अनुभव बना। मतदान केंद्र पर पहुंचकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। उनके लिए यह केवल एक चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में पहला कदम भी था।


युवा मतदाता लोकतंत्र की प्रक्रिया से जुड़ते हुए नजर आए। पहली बार मतदान करने का अनुभव उनके लिए भविष्य में होने वाले चुनावों में भागीदारी की प्रेरणा भी बन सकता है। मतदान का अधिकार नागरिकों को अपनी पसंद के प्रतिनिधि चुनने का अवसर देता है और युवा मतदाताओं की भागीदारी इस प्रक्रिया को नई पीढ़ी से जोड़ती है।


ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की मतदान में भागीदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के निर्णयों का प्रभाव सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और गांवों की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है। ऐसे में युवाओं का मतदान करना स्थानीय विकास से जुड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सहभागिता को दर्शाता है।


बुजुर्गों ने निभाई जिम्मेदारी, महिलाओं ने भी दर्ज कराई भागीदारी


मतदान के दौरान बुजुर्ग मतदाताओं की भागीदारी भी लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश देती नजर आई। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करना इस बात को दर्शाता है कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण है।


महिलाओं ने भी मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपनी भागीदारी निभाई। ग्रामीण लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका केवल मतदाता तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत स्तर पर उनकी भागीदारी स्थानीय जरूरतों और परिवारों से जुड़े मुद्दों को प्रतिनिधित्व देने का अवसर भी प्रदान करती है।


युवा, बुजुर्ग और महिलाओं की मौजूदगी ने मतदान दिवस को जनभागीदारी का रूप दिया। हालांकि, तीनों श्रेणियों के मतदान का अलग-अलग प्रतिशत उपलब्ध नहीं होने के कारण यह कहना संभव नहीं है कि किस वर्ग ने सबसे अधिक मतदान किया। इसके लिए निर्वाचन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों की आवश्यकता होगी।


242 मतदान केंद्रों पर पुलिस-प्रशासन सक्रिय


मतदान प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासन चुनाव व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आया। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना निर्वाचन तंत्र के सामने प्रमुख जिम्मेदारी होती है। इसके लिए मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना, मतदाताओं की आवाजाही को सुचारु रखना और निर्धारित चुनावी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण रहता है।


तीनों पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदान संपन्न होने के साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया का यह महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।

132 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद, अब मतगणना पर निगाहें


झाड़ोल, फलासिया और ओगणा पंचायत समिति क्षेत्रों के 45 वार्डों में कुल 132 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें झाड़ोल के 15 वार्डों में 44, फलासिया के 15 वार्डों में 49 और ओगणा के 15 वार्डों में 39 प्रत्याशी शामिल हैं। मतदान समाप्त होने के बाद इन सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है।


अब प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों और समर्थकों की निगाहें मतगणना पर टिकी रहेंगी। मतदान के दौरान मिले रुझान या मतदान प्रतिशत अपने आप में किसी प्रत्याशी की जीत का प्रमाण नहीं हैं। वास्तविक परिणाम मतों की गणना और निर्वाचन विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएंगे।


इन चुनावों में स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों के जनसंपर्क, राजनीतिक दलों के संगठन और मतदाताओं की प्राथमिकताओं की भूमिका पर चर्चा हो सकती है, लेकिन किस मुद्दे ने परिणाम को प्रभावित किया, इसका निष्कर्ष परिणाम और संबंधित तथ्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।


ग्रामीण विकास की दिशा तय करने में अहम है पंचायतीराज चुनाव


पंचायतीराज संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों को प्रतिनिधित्व देने और विकास से जुड़े विषयों को प्रशासनिक व्यवस्था तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति के निर्वाचित प्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सिंचाई और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा रहती है।


इसी कारण ग्रामीण मतदाता इन चुनावों को अपने क्षेत्र के प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखते हैं। मतदान के जरिए वे अपने प्रतिनिधि चुनते हैं और उनसे स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए काम करने की अपेक्षा रखते हैं।


झाड़ोल, फलासिया और ओगणा में मतदान की समाप्ति के साथ ही अब चुनावी प्रक्रिया का ध्यान परिणामों पर केंद्रित होगा। ओगणा में 74.76 प्रतिशत, झाड़ोल में 74.58 प्रतिशत और फलासिया में 73.58 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बीच महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि तीनों क्षेत्रों में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया में हिस्सा लिया।


लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान करने पहुंचे युवा, बुजुर्ग और महिलाओं की भागीदारी ने ग्रामीण लोकतंत्र की तस्वीर प्रस्तुत की। अब ईवीएम में बंद मतों की गिनती के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने जिला परिषद और पंचायत समिति में अपने प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी किसे सौंपी है।