रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। राजस्थान पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के तहत पंचायत समिति झाड़ोल, फलासिया और ओगणा क्षेत्र की कुल 93 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंच निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नई पंचायत सरकारों का गठन हो गया है। चुनाव परिणामों ने जहां कई ग्राम पंचायतों में नए नेतृत्व को मौका दिया, वहीं कुछ पंचायतों में पुराने राजनीतिक समीकरण भी बदल दिए। सबसे अधिक चर्चा झाड़ोल मुख्यालय की ग्राम पंचायत में करीब 35 साल बाद कांग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल धांगी की जीत को लेकर हो रही है। दूसरी ओर, ओगणा पंचायत समिति की चौखलाबारा ग्राम पंचायत में सरपंच, उपसरपंच और सभी वार्ड पंचों का निर्विरोध निर्वाचन ग्रामीण एकजुटता की मिसाल बनकर सामने आया है।
तीनों पंचायत समितियों के परिणाम सामने आने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में नई पंचायतों से विकास की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आने वाले समय में पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली की असली परीक्षा होंगे।
झाड़ोल में 35 साल बाद कांग्रेस की वापसी, बाबूलाल धांगी की जीत बनी चर्चा का केंद्र
झाड़ोल मुख्यालय की ग्राम पंचायत में सरपंच पद पर कांग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल धांगी की जीत चुनाव का सबसे चर्चित परिणाम बनकर सामने आई है। करीब 35 साल बाद इस सीट पर कांग्रेस की जीत को क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव से पहले इस सीट को कड़ी टक्कर वाली सीट माना जा रहा था, ऐसे में परिणाम ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
इस चुनाव में कई ग्राम पंचायतों में लंबे समय से सरपंच पद पर काबिज रहे जनप्रतिनिधियों को भी हार का सामना करना पड़ा। दो से तीन बार सरपंच रह चुके कुछ प्रत्याशियों की हार ने यह संकेत दिया कि ग्रामीण मतदाताओं ने इस बार स्थानीय परिस्थितियों, उम्मीदवारों और अपनी अपेक्षाओं के आधार पर निर्णय लिया।
हालांकि, किसी प्रत्याशी की जीत या हार के पीछे मतदाताओं की वास्तविक प्राथमिकताओं का आकलन करने के लिए पंचायतवार मतदान और मतगणना के आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी होगा। फिलहाल, परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं लगातार बनी हुई हैं।
चौखलाबारा में एकजुटता की मिसाल, पूरी पंचायत निर्विरोध चुनी गई
ओगणा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत चौखलाबारा इस चुनाव में विशेष चर्चा का विषय रही। यहां ग्रामीणों ने आपसी सहमति से सरपंच, उपसरपंच और सभी वार्ड पंचों का निर्विरोध चयन किया। सरपंच पद पर विरमचंद और उपसरपंच पद पर फूलाराम निर्विरोध निर्वाचित हुए।
निर्विरोध निर्वाचन से चुनावी प्रतिस्पर्धा और आपसी खींचतान से अलग सहमति के आधार पर प्रतिनिधियों के चयन की तस्वीर सामने आई है। यदि निर्वाचित प्रतिनिधि इसी सामूहिक भावना के साथ काम करते हैं, तो गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में आपसी समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पंचायत समिति झाड़ोल की 34 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंच निर्वाचित
झाड़ोल पंचायत समिति क्षेत्र की सभी 34 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंच पदों पर निर्वाचन पूरा हो गया है। ग्राम पंचायतवार निर्वाचित प्रतिनिधियों की सूची इस प्रकार है।
1. ढीकलिया: सरपंच महेश परमार, उपसरपंच नारायण लाल।
2. चंदवास: सरपंच केशूलाल, उपसरपंच हीरालाल गायरी।
3. रिछावर: सरपंच अजयपाल, उपसरपंच आशा कुमारी परमार।
4. सेरा: सरपंच प्रेम कुमारी खराड़ी, उपसरपंच कंचन।
5. आवरड़ा: सरपंच रेखा देवी, उपसरपंच मीना कुंवर।
6. गोगला: सरपंच तारा खेर, उपसरपंच वरदी शंकर।
7. मोहम्मद फलासिया: सरपंच सविता देवी, उपसरपंच अमरा।
8. मानस: सरपंच रमेश चन्द्र पारगी, उपसरपंच पिंटू लाल भुज।
9. ढढावली: सरपंच रमेश चन्द्र, उपसरपंच देवली बाई।
10. गोदाणा: सरपंच कालूलाल चव्हाण, उपसरपंच गोपाल जोशी।
11. खाखड़: सरपंच सुन्दर देवी, उपसरपंच रेणुका।
12. नयागांव: सरपंच माया कुमारी करोवा, उपसरपंच युवराज सिंह।
13. सेलाना: सरपंच रमेश चन्द्र डामोर, उपसरपंच शंकरी।
14. ब्राह्मणों का खेरवाड़ा: सरपंच सोहन लाल बोदरिया, उपसरपंच पुष्कर कुमार।
15. सुल्तानजी का खेरवाड़ा: सरपंच पारू देवी, उपसरपंच गणेश लाल।
16. तलाई: सरपंच गीता देवी, उपसरपंच लीला।
17. बागपुरा: सरपंच सुनील कुमार मराला, उपसरपंच निर्मल कुमार दर्जी।
18. कोचला: सरपंच लीला देवी, उपसरपंच रमेश पारगी।
19. जेकड़ा: सरपंच मंजू बाई, उपसरपंच मंजू।
20. नेनबारा: सरपंच इन्द्रा कुमारी भगोरा, उपसरपंच अशोक कुमार।
21. देवास: सरपंच कालूलाल, उपसरपंच सोनिया।
22. सलदरी: सरपंच ललिता डामोर, उपसरपंच रंगलाल।
23. गोराणा: सरपंच सीता देवी, उपसरपंच सोहन लाल।
24. माकड़ादेव: सरपंच प्रकाश चन्द्र कटारा, उपसरपंच भगवान लाल।
25. लूनावतो का खेड़ा: सरपंच लोकेश कुमार, उपसरपंच दुर्गेश अंगारी।
26. कंथारिया: सरपंच सुमित्रा देवी, उपसरपंच ख्याली लाल।
27. दमाणा (मगवास): सरपंच राकेश कुमार खराड़ी, उपसरपंच महेंद्र।
28. मगवास: सरपंच मंजू देवी, उपसरपंच अनीता शर्मा।
29. बदराणा: सरपंच रेखा देवी, उपसरपंच श्याम।
30. झाड़ोल: सरपंच बाबूलाल धांगी, उपसरपंच विश्वराज सिंह।
31. पालियाखेड़ा: सरपंच मनशा देवी, उपसरपंच आशा मीणा।
32. ढीमड़ी: सरपंच मनीषा खराड़ी, उपसरपंच कमलेश कुमार कुमावत।
33. अडोल: सरपंच मोहन लाल पारगी, उपसरपंच रेखा कुंवर।
34. गोरन: सरपंच संगीता कसोटा, उपसरपंच प्रकाश कटारा।
पंचायत समिति फलासिया की 35 ग्राम पंचायतों में नए सरपंच-उपसरपंचों को जिम्मेदारी
फलासिया पंचायत समिति क्षेत्र की सभी 35 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंच पदों पर निर्वाचन पूरा हो गया है। निर्वाचित प्रतिनिधियों की पंचायतवार सूची इस प्रकार है।
1. आमोड़: सरपंच काली देवी अहारी, उपसरपंच नाथू सिंह।
2. कोल्यारी: सरपंच लक्ष्मण लाल बुम्बड, उपसरपंच प्रभुलाल।
3. देवड़ावास: सरपंच कमलेश कटारा, उपसरपंच बाबूलाल कटारा।
4. आमीवाड़ा: सरपंच नानालाल पारगी, उपसरपंच गणेशलाल कटारा।
5. तुम्दर: सरपंच सीता देवी गमार, उपसरपंच सुरता देवी।
6. बिछीवाड़ा: सरपंच किरण देवी दामा, उपसरपंच नरेश पुरी गोस्वामी।
7. खरडिया: सरपंच सुखलाल कोकसा, उपसरपंच शारदा बाई।
8. सरादित: सरपंच प्रभुलाल दामा, उपसरपंच नारायण लाल।
9. बेड़नपाड़ा: सरपंच कमलेश कसौटा, उपसरपंच कन्हैयालाल।
10. खाटीकमदी: सरपंच सारा देवी, उपसरपंच कल्पेश डामोर।
11. मादड़ी: सरपंच जगदीश चंद्र कसौटा, उपसरपंच दुर्गा देवी गुर्जर।
12. फलासिया: सरपंच पूनमचंद दरांगी, उपसरपंच पूरण सिंह राजपूत।
13. आमलिया: सरपंच दिनेश पांडोर, उपसरपंच अशोक कुमार।
14. वचली कातर: सरपंच सीता देवी गमार, उपसरपंच कमला देवी गमार।
15. पानरवा: सरपंच पन्नालाल खराड़ी, उपसरपंच पूजा देवी पटेल।
16. उपला आमड़ा: सरपंच पिन्टू देवी, उपसरपंच सुखलाल ननामा।
17. करेल: सरपंच कान्ता कुमारी लूर, उपसरपंच धनसिंह राजपूत।
18. सडा: सरपंच दिनेश कुमार दामा, उपसरपंच शंकर लाल।
19. दमाणा: सरपंच विमल अहारी, उपसरपंच मधु देवी।
20. मादला: सरपंच सुनीता देवी दामा, उपसरपंच राकेश कुमार भगोरा।
21. जामुन: सरपंच सुमित्रा देवी अहारी, उपसरपंच शंकर लाल वड़ेरा।
22. उपली सिगरी: सरपंच नरेंद्र कुमार भगोरा, उपसरपंच चन्दूलाल दामा।
23. निचली सिगरी: सरपंच मेवा कुमारी दामा, उपसरपंच रमेश कुमार कसौटा।
24. सोम: सरपंच विनोद कुमार पारगी, उपसरपंच लालू राम चव्हाण।
25. धरावण: सरपंच सरिता डामोर, उपसरपंच का नाम उपलब्ध नहीं।
26. अम्बासा: सरपंच उर्मिला देवी खराड़ी, उपसरपंच जैकी परमार।
27. डेया: सरपंच विमला देवी, उपसरपंच मरियम देवी डामोर।
28. कवेल: सरपंच निरु देवी, उपसरपंच पवन सिंह।
29. बुझा: सरपंच रमिला देवी, उपसरपंच प्रियंका देवी।
30. अम्बावी: सरपंच मीरा देवी, उपसरपंच पुनी देवी।
31. गरणवास: सरपंच प्रकाश भगोरा, उपसरपंच विजेश कुमार डूंगरी।
32. भामटी: सरपंच दिलीप कुमार बोदर, उपसरपंच शंकरलाल खराड़ी।
33. क्वादर: सरपंच अनीता देवी खोखरिया, उपसरपंच विनोद कुमार ताविड।
34. पीपलबारा: सरपंच हीरालाल वडेरा, उपसरपंच इन्द्रा देवी।
35. शिशवी: सरपंच मोतीलाल गरासिया, उपसरपंच पवन कुंवर।
पंचायत समिति ओगणा की 24 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंच निर्वाचित
ओगणा पंचायत समिति क्षेत्र की सभी 24 ग्राम पंचायतों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हो गई है। ग्राम पंचायतवार निर्वाचित सरपंच एवं उपसरपंचों के नाम इस प्रकार हैं।
1. ओगणा: सरपंच लक्ष्मीलाल, उपसरपंच दुर्गा शंकर।
2. अटाटिया: सरपंच सविता देवी, उपसरपंच खुबी लाल।
3. भूरा: सरपंच सविता देवी, उपसरपंच सीमा गायरी।
4. चौखलाबारा: सरपंच विरमचंद, उपसरपंच फूलाराम। दोनों निर्विरोध निर्वाचित।
5. नेताजी का बारा: सरपंच नारायण लाल, उपसरपंच प्रवीण कुमार कटेरिया।
6. काड़ा: सरपंच शंकर लाल कपाया, उपसरपंच सविता भील।
7. राणपुर: सरपंच सुरता वडेरा, उपसरपंच लीला देवी।
8. कोलर: सरपंच मोहनी देवी, उपसरपंच लादूरा राम।
9. पीलक: सरपंच राजुड़ी देवी, उपसरपंच हीरालाल।
10. गेजवी: सरपंच रमिला बाई, उपसरपंच रणसु बाई।
11. कालियाघाटी: सरपंच पुष्पा बाई, उपसरपंच पिंटू कुमारी चौहान।
12. कितावतों का वास: सरपंच देवी गरासिया, उपसरपंच विरेंद्र सिंह सोलंकी।
13. थोबावाड़ा: सरपंच नाथूलाल वडेरा, उपसरपंच हेमंत गिरी।
14. झांझर की पाल: सरपंच राधा कुमारी, उपसरपंच रामलाल।
15. उपरेटा: सरपंच कालूराम, उपसरपंच भीमराज।
16. ओड़ा: सरपंच रमिला देवी, उपसरपंच संजय कुमार।
17. रोहीमाला: सरपंच झूमी देवी, उपसरपंच रमिला देवी।
18. नेवज: सरपंच प्रभुलाल, उपसरपंच नेपाल सिंह सोलंकी।
19. अदकालिया: सरपंच सूरज बाई, उपसरपंच शेर सिंह सोलंकी।
20. गुराड़: सरपंच सुनील कुमार, उपसरपंच बाबूलाल गरासिया।
21. आंजरोली खास: सरपंच नाथूलाल, उपसरपंच करण सिंह।
22. भैषाणा: सरपंच अम्बालाल, उपसरपंच बसंती बाई।
23. बिरोठी: सरपंच हंसा देवी, उपसरपंच थावर सिंह गरासिया।
24. जेतावाड़ा: सरपंच शंकर लाल पारगी, उपसरपंच जसवंत सिंह सोलंकी।
चुनावी परिणामों का विश्लेषण: अब विकास के मोर्चे पर होगी नई पंचायतों की परीक्षा
झाड़ोल, फलासिया और ओगणा की 93 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंचों के निर्वाचन के बाद अब ग्रामीण राजनीति का ध्यान चुनावी प्रतिस्पर्धा से हटकर विकास कार्यों पर केंद्रित होने की उम्मीद है। चुनाव जीतना जनप्रतिनिधियों के लिए पहला चरण है, जबकि ग्रामीणों का विश्वास बनाए रखना और गांवों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
झाड़ोल में नेतृत्व परिवर्तन का संदेश
झाड़ोल मुख्यालय पर करीब 35 साल बाद कांग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल धांगी की जीत को स्थानीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। इस परिणाम ने क्षेत्र में राजनीतिक बदलाव की चर्चा को तेज किया है। हालांकि, इस जीत के व्यापक राजनीतिक प्रभाव का आकलन करने के लिए अन्य सीटों के परिणाम, प्रत्याशियों के मतों का अंतर और पंचायतवार मतदान के आंकड़ों को भी देखना होगा।
फलासिया में विकास और जनसुविधाएं रहेंगी प्रमुख मुद्दे
फलासिया पंचायत समिति की 35 ग्राम पंचायतों में निर्वाचित सरपंचों और उपसरपंचों के सामने ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देने की चुनौती होगी। पेयजल, सड़क संपर्क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना नई पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। धरावण ग्राम पंचायत में उपसरपंच का नाम उपलब्ध नहीं होने के कारण आधिकारिक सूची से इसकी पुष्टि किया जाना भी आवश्यक है।
ओगणा में सामूहिक निर्णय और जवाबदेही की उम्मीद
ओगणा क्षेत्र की चौखलाबारा पंचायत में निर्विरोध निर्वाचन ने ग्रामीण सहमति की एक अलग तस्वीर प्रस्तुत की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्विरोध चुने गए प्रतिनिधि गांव के सभी वर्गों की अपेक्षाओं को किस तरह पूरा करते हैं। पंचायत में सहमति के साथ निर्णय लेने की परंपरा तभी सार्थक होगी, जब विकास कार्यों में पारदर्शिता और सभी ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
सरपंच और उपसरपंच की संयुक्त भूमिका होगी अहम
ग्राम पंचायत के विकास में सरपंच के साथ उपसरपंच और वार्ड पंचों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। गांव की समस्याओं की पहचान, विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करना, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और ग्रामसभा में जनभागीदारी सुनिश्चित करना पंचायत के कामकाज को प्रभावी बना सकता है।
ग्रामीणों की अपेक्षा रहेगी कि नई पंचायतें चुनाव के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतारें और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। नियमित ग्रामसभा, पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी से ही जनता का विश्वास मजबूत हो सकेगा।
अब जनता की निगाहें नई पंचायत सरकारों पर
तीनों पंचायत समितियों की 93 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं उपसरपंचों के निर्वाचन के साथ ही ग्रामीण नेतृत्व की नई तस्वीर सामने आ गई है। कहीं राजनीतिक बदलाव चर्चा में है, तो कहीं निर्विरोध चयन ने ध्यान खींचा है। अब ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कितनी गंभीरता से काम करते हैं।
चुनाव में जनता ने प्रतिनिधि चुन दिए हैं, अब विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के जरिए जनता का विश्वास जीतने की बारी नवनिर्वाचित सरपंचों, उपसरपंचों और वार्ड पंचों की है।
