हरिहर धाम बदराणा में सोमवार को उमड़ेगा आस्था का सैलाब, भव्य अन्नकूट महोत्सव के साथ सजेगा विशाल मेला
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल। झाड़ोल क्षेत्र के बदराणा गांव में सोमवार को आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। गांव स्थित प्रसिद्ध हरिहर धाम में भव्य अन्नकूट महोत्सव के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले को लेकर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस धार्मिक आयोजन में बदराणा सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु हरिहर जी के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगलकामना करेंगे।


मंदिर मुखिया चंद्रकांत सांचिहर एवं बदराणा सरपंच रेखा देवी लूर ने मेले की जानकारी देते हुए बताया कि हरिहर धाम बदराणा क्षेत्र के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। अन्नकूट महोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर भगवान के दर्शन करते हैं और धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं। सोमवार को भी मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण रहेगा।


भजन-कीर्तन से दिनभर भक्तिमय रहेगा माहौल


मेले का विशेष आकर्षण हनुमान मंदिर के समीप स्थित बाबा मस्तान भारती की समाधि स्थल पर होने वाले भजन-कीर्तन रहेंगे। यहां दिनभर भक्ति संगीत और धार्मिक भजनों की स्वर लहरियां गूंजेंगी। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करेंगे। हरिहर जी के दर्शन, अन्नकूट महोत्सव और बाबा मस्तान भारती की समाधि पर भक्ति कार्यक्रमों के चलते पूरा क्षेत्र धर्ममय माहौल में सराबोर रहेगा।


ग्राम पंचायत की सक्रियता से मेले को लेकर तैयारियां तेज


धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत बदराणा की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर पंचायत सक्रियता से जुटी हुई है। ग्राम पंचायत की यह पहल धार्मिक परंपराओं को संरक्षण देने के साथ ग्रामीण क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी बनेगा केंद्र


हरिहर धाम का अन्नकूट महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आसपास के गांवों के लोगों को एक साथ जोड़ने वाला सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। ऐसे आयोजन ग्रामीण परंपराओं, लोक संस्कृति और आपसी भाईचारे को नई ऊर्जा देते हैं। मेले के माध्यम से नई पीढ़ी को भी क्षेत्र की धार्मिक विरासत और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।


सोमवार को बदराणा में हरिहर जी के जयकारों, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से उत्सव जैसा माहौल रहने की उम्मीद है। मंदिर प्रबंधन, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक पहचान और आस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।