एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क
उदयपुर/गोगुंदा। राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनावों की आहट के बीच उदयपुर जिले के गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सायरा पंचायत समिति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। यहां कांग्रेस को उस समय करारा झटका लगा जब सायरा के निवर्तमान प्रधान सवाराम गमेती सहित पांच मौजूदा सरपंचों और 100 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली और गोगुंदा विधायक प्रताप लाल गमेती की मौजूदगी में इन नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई गई। इस सामूहिक शामिल होने की घटना को स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कांग्रेस की नीतियों से नाराजगी का दावा
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने कहा कि कांग्रेस के कई कार्यकर्ता अपने शीर्ष नेतृत्व की नीतियों से असंतुष्ट थे। उनका आरोप था कि कांग्रेस की सोच देशहित और किसानों-सेना के मुद्दों पर स्पष्ट नहीं रही, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में और भी कई बड़े चेहरे भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
विधायक प्रताप लाल गमेती ने कहा कि इन नेताओं के भाजपा में आने से क्षेत्र में पार्टी और अधिक मजबूत होगी और आगामी पंचायत चुनावों में इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा।
कौन-कौन हुए शामिल
भाजपा में शामिल होने वालों में सायरा के निवर्तमान प्रधान सवाराम गमेती के साथ भानपुरा सरपंच रोडाराम गमेती, सामल सरपंच प्रकाश गमेती, सिंधड़ा सरपंच फूलाराम गमेती और गायफल सरपंच वालाराम गमेती प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा कंडेच के पूर्व सरपंच हंकाराम गमेती तथा करीब 101 कार्यकर्ताओं ने भी एक साथ भाजपा की सदस्यता ली।
चुनावी समीकरणों पर असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायतीराज चुनाव से ठीक पहले इस तरह का दलबदल स्थानीय चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। सायरा पंचायत समिति और गोगुंदा क्षेत्र में यह घटनाक्रम कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे के लिए चुनौती माना जा रहा है, वहीं भाजपा इसे अपने पक्ष में माहौल बनने के रूप में देख रही है।
कार्यक्रम में गोगुंदा प्रधान सुंदर देवी, उपप्रधान लक्ष्मण सिंह झाला, नाहर सिंह देवड़ा, करण जोशी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी राजनीतिक महत्व दे दिया।
पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। गांव स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन, दल-बदल और रणनीतिक जोड़-तोड़ का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सायरा में हुआ यह सामूहिक शामिल होना आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
