एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क
राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं के साथ-साथ नगरीय निकाय चुनावों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में वोटर लिस्ट तैयार करने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसी शेड्यूल के आधार पर चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 24 मार्च को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। 25 मार्च से वार्ड स्तर पर निर्धारित मतदान केंद्रों पर यह सूची आमजन के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या संशोधन संबंधी दावे-आपत्तियां 7 अप्रैल तक स्वीकार की जाएंगी।
15 अप्रैल तक प्राप्त दावों-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 20 अप्रैल तक पूरक सूची तैयार कर ली जाएगी और 22 अप्रैल को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है।
इन निकायों में होंगे चुनाव
नगर निगम स्तर पर अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, जयपुर, अलवर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में चुनाव प्रस्तावित हैं।
वहीं नगर परिषद स्तर पर सवाई माधोपुर, निंबाहेड़ा, बांसवाड़ा, बूंदी, बारां, जालोर, बालोतरा, बाड़मेर, तिजारा, खेड़थल, बहरोड़, डूंगरपुर, फतेहपुर, सीकर, दौसा, शाहपुरा (जयपुर), हिण्डौनसिटी, धौलपुर, सुजानगढ़, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, डीडवाना, मकराना, ब्यावर, टोंक, नागौर और किशनगढ़ (अजमेर) सहित अन्य नगर निकायों में चुनाव कराए जाएंगे।
39 जिलों के 196 निकाय शामिल
आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक फिलहाल 39 जिलों के 196 नगरीय निकायों में चुनाव कराए जा सकते हैं। इन्हीं निकायों के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
राज्य में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 14 हजार 699 बताई गई है। इनमें से 11 हजार 283 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जबकि 12 जिला परिषदों का कार्यकाल शेष है। हाल ही में 3 हजार 416 नई ग्राम पंचायतों का गठन भी किया गया है, जिससे चुनावी समीकरण और व्यापक हो गए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेशों में हाईकोर्ट के निर्देशों का उल्लेख किया है। हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल 2026 तक निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने इन्हीं निर्देशों के अनुरूप तैयारी शुरू कर दी है, हालांकि वोटर लिस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक चुनाव कार्यक्रम तय होगा।
निकाय और पंचायत चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। सभी दल और संभावित प्रत्याशी मतदाता सूची में अपने समर्थकों के नाम सुनिश्चित कराने में जुट गए हैं। अब अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के बाद चुनावी सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।
