फलासिया व झाड़ोल में 25–26 फरवरी को होगा भव्य पंच गौरव मेला, जिले की पहचान को मिलेगा नया मंच
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एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क

उदयपुर। जिले की विशिष्ट पहचान, प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से पंचायत समिति फलासिया एवं झाड़ोल में 25 और 26 फरवरी को दो दिवसीय पंच गौरव मेले का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला परिषद उदयपुर के निर्देशन में किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

पंचायत समिति फलासिया के विकास अधिकारी प्रताप सिंह मीणा ने बताया कि मेले के माध्यम से जिले की विशेषताओं को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “एक जिला एक उत्पाद”, “एक जिला एक उपज”, “एक जिला एक वनस्पति प्रजाति”, “एक जिला एक खेल” तथा “एक जिला एक पर्यटन स्थल” की अवधारणा को केंद्र में रखकर प्रदर्शनी और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

इस संबंध में सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले में जिले के प्रमुख उत्पाद जैसे मार्बल एवं ग्रेनाइट, कृषि उपज के रूप में सीताफल, वनस्पति प्रजाति के रूप में महुआ, खेल के रूप में तैराकी तथा पर्यटन स्थलों में पिछोला एवं फतेहसागर झील की विशेष जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। इन विषयों पर स्टॉल, मॉडल, प्रदर्शन सामग्री और जानकारीपूर्ण पैनल लगाए जाएंगे, ताकि आमजन और युवाओं को जिले की विशिष्ट पहचान के बारे में समग्र जानकारी मिल सके।

आयोजन के दौरान स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, महिला समूहों और किसानों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था भी रहेगी। इससे ग्रामीण उत्पादों को बाजार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा।

मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला प्रस्तुतियां, पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन तथा युवाओं के लिए प्रेरक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ना तथा क्षेत्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है।

प्रशासन की ओर से आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विकास अधिकारी प्रताप सिंह मीणा ने बताया कि संबंधित विभागों को स्टॉल, प्रदर्शनी सामग्री और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है तथा पंचायत समिति स्तर पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

पंच गौरव मेला न केवल जिले की विशिष्ट पहचान को उजागर करेगा, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी नई दिशा देगा। यह आयोजन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।