रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल
झाड़ोल, 27 अप्रैल। राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी अब मासूम बच्चों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सोमवार सुबह झाड़ोल के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रार्थना सभा के दौरान कक्षा 9 की छात्रा सानिया दामा अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। छात्रावास की वार्डन एवं स्टाफ ने तत्परता से छात्रा को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया — लेकिन यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है।
कैसे हुई घटना?
सागवाड़ा निवासी सानिया दामा, पुत्री नरेश दामा, महात्मा गांधी कस्तूरबा बालिका छात्रावास झाड़ोल में रहकर पढ़ाई कर रही है। सोमवार सुबह विद्यालय मे प्रार्थना सभा के दौरान वह अचानक बेसुध होकर गिर पड़ी। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधीर जोशी एवं अन्य स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाला और छात्रा को छात्रावास पहुंचाया। इसके बाद वार्डन व स्टाफ ने बिना देर किए उसे झाड़ोल उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका उपचार कराया गया। सूचना मिलते ही अभिभावक भी अस्पताल पहुंचे।
डॉक्टरों ने जताई गर्मी की आशंका
चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी को बेहोशी का मुख्य कारण बताया है। छात्रावास वार्डन ने बताया कि सानिया पहले भी अस्वस्थ रह चुकी है, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है।
यह सिर्फ एक बच्ची की कहानी नहीं
उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र में पारा लगातार चढ़ रहा है। सुबह की प्रार्थना सभा, खुला मैदान, कड़ी धूप — और बच्चे घंटों खड़े रहने को मजबूर। सवाल उठता है: क्या हमारे स्कूल गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए तैयार हैं?
अभिभावकों की मांग है कि —
स्कूलों में प्रार्थना सभा का समय बदला जाए या छायादार स्थान पर आयोजित की जाए
बच्चों को पर्याप्त पानी और ORS उपलब्ध कराया जाए
छात्रावासों में हीटवेव प्रोटोकॉल लागू किया जाए
तापमान अधिक होने पर स्कूल समय में कटौती की जाए
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी झाड़ोल मोरध्वज व्यास ने कहा —
"मामला अभी मेरे ध्यान में नहीं है, पता करता हूं। साथ ही विद्यालयों में छाया एवं जल की व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।"
