रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल
उदयपुर में 'सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट' की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
उदयपुर। सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन समीक्षा बैठक अध्यक्ष लोकेश चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों, शैक्षणिक उत्थान और प्रशासनिक जटिलताओं को दूर करने हेतु व्यापक रणनीति तैयार की गई।
प्रमुख प्रशासनिक सुधार की मांग
ट्रस्ट के संस्थापक दिनेश माली एवं प्रवक्ता नरेश पूर्बिया ने बताया कि वर्तमान में ओबीसी प्रमाण पत्र प्रतिवर्ष बनाने की अनिवार्यता के कारण समाज के युवाओं को भारी आर्थिक नुकसान और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती है। महापंचायत ने सरकार से मांग की है कि:
स्थाई प्रमाण पत्र: ओबीसी सर्टिफिकेट को एक बार जारी होने के बाद स्थाई मान्यता दी जाए।
क्रीमी लेयर की समाप्ति: एससी/एसटी की तर्ज पर ओबीसी वर्ग से भी क्रीमी लेयर का प्रावधान हटाया जाए।
TSP क्षेत्र में आरक्षण: टीएसपी क्षेत्र में शून्य आरक्षण को समाप्त कर 27% ओबीसी आरक्षण बहाल किया जाए।
जाति जनगणना हेतु 'जागरूकता अभियान'
बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज व स्थानीय निकाय हेतु करवाई जा रही ओबीसी जनगणना के लिए विशेष दलों का गठन किया जाएगा। ये दल गांव-गांव जाकर लोगों को प्रेरित करेंगे कि जनगणना के दौरान अपनी गोत्र या उपजाति के स्थान पर 'मूल जाति' ही लिखवाएं, ताकि समाज का वास्तविक और सुदृढ़ आंकड़ा सरकार के समक्ष प्रस्तुत हो सके।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर
फ्री प्रशासनिक कोचिंग: महापंचायत ने घोषणा की है कि 12वीं बोर्ड में 90% से अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की तैयारी हेतु ट्रस्ट द्वारा निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
महिला आरक्षण: 'महिला आरक्षण बिल' का स्वागत करते हुए संगठन ने इसमें ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया।
प्रतिभा सम्मान: बैठक में 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर 161 प्रतिभावान विद्यार्थियों के सफल सम्मान समारोह की समीक्षा की गई और इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया।
जनसंपर्क अभियान
प्रदेश सचिव हुक्मी चंद्र गर्ग ने बताया कि सरकारी योजनाओं और समाज के अधिकारों की जानकारी घर-घर पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर पंपलेट वितरण और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में इनकी रही गरिमामय उपस्थिति:
इस अवसर पर एडवोकेट रतन लाल गुर्जर, भेरूलाल भोई, बाल कृष्ण सुहालका, देवनारायण धाभाई, दिनेश कुमार माली और शर्मिला माली सहित कई वक्ताओं ने समाज के उत्थान हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
