जन-आधार में बड़ा बदलाव: जन्म पर नाम जुड़ेगा, मृत्यु पर सदस्य स्वतः हटेगा
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एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क

जयपुर/फलासिया। राजस्थान सरकार के जन-आधार प्राधिकरण ने आमजन की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य में जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को जन-आधार प्रणाली से जोड़ते हुए स्वचालित (ऑटो) अपडेट की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नवाचार से जहां नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, वहीं विभिन्न विभागों का कार्यभार भी काफी हद तक कम होगा। ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर ने दी जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी।

राजस्थान जन-आधार प्राधिकरण द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार अब किसी परिवार में नवजात शिशु का जन्म पंजीकरण होने के बाद निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर उसका नाम स्वतः जन-आधार परिवार में जुड़ जाएगा। इसी प्रकार किसी सदस्य की मृत्यु का पंजीकरण होने पर उसका नाम जन-आधार परिवार से स्वतः हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

जन्म पंजीकरण के बाद स्वतः जुड़ेगा नाम

नई व्यवस्था के तहत यदि नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र पहचान पोर्टल पर जारी किया गया है तथा माता की जन-आधार ई-केवाईसी पूर्ण है, तो बच्चे का नाम जन-आधार परिवार में स्वतः जोड़ दिया जाएगा। इससे अभिभावकों को अलग से नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

जन-आधार प्राधिकरण का मानना है कि इस व्यवस्था से राज्य के जनसंख्या आंकड़े अधिक सटीक होंगे तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर ने बताया कि इस नवाचार से जन-आधार डेटाबेस अधिक सटीक एवं अद्यतन रहेगा।

मृत्यु पंजीकरण के बाद स्वतः हटेगा नाम

इसी प्रकार किसी सदस्य की मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने और संबंधित जानकारी पहचान पोर्टल पर उपलब्ध होने के बाद मृतक सदस्य का नाम जन-आधार परिवार से स्वतः हटाया जा सकेगा। इससे मृत व्यक्तियों के नाम योजनाओं एवं रिकॉर्ड में बने रहने की समस्या का समाधान होगा और सरकारी आंकड़ों की शुद्धता बढ़ेगी।

पारदर्शिता और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा

ब्लोक सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर का मानना है कि यह व्यवस्था डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे जन-आधार डाटाबेस लगातार अद्यतन रहेगा, योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचेगा और अनावश्यक कागजी कार्यवाही में कमी आएगी।

आमजन और विभाग दोनों को लाभ

नई व्यवस्था से नागरिकों को बार-बार ई-मित्र या सरकारी कार्यालयों में जाकर संशोधन करवाने की आवश्यकता कम होगी। वहीं पंचायत, राजस्व, सामाजिक न्याय, चिकित्सा, शिक्षा तथा अन्य विभागों को भी अद्यतन डेटा उपलब्ध होने से कार्य निष्पादन में सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों और कार्मिकों को साधुवाद

जन-आधार प्राधिकरण द्वारा किया गया यह उल्लेखनीय कार्य निश्चित रूप से आमजन के हित में साबित होगा। इससे न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी बल्कि विभागीय कार्यभार भी कम होगा। इस नवाचार को लागू करने में जुड़े सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों के प्रयास सराहनीय हैं। यह पहल डिजिटल राजस्थान और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर ने कहा कि जन-आधार में जन्म एवं मृत्यु संबंधी ऑटो अपडेट प्रणाली लागू होने से आमजन को त्वरित सुविधा मिलेगी तथा सरकारी रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और सटीक बनेंगे।