रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू), झाड़ोल
लगातार छुट्टियों में ड्यूटी का विरोध, मुख्यमंत्री एवं उपखण्ड अधिकारी के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति की झाड़ोल उपशाखा ने राजकीय अवकाशों के दौरान गैर-आपातकालीन कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में गुरुवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एवं उपखण्ड अधिकारी के नाम तहसीलदार सीताराम बोरीवाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
समिति के सचिव ज्ञानेश्वर मेघवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक एवं ग्राम विकास अधिकारियों से शनिवार, रविवार तथा अन्य राजकीय अवकाशों पर भी विभिन्न सरकारी योजनाओं, बैठकों, ग्राम सभाओं, शिविरों, निरीक्षणों एवं प्रशासनिक कार्यक्रमों में लगातार ड्यूटी ली जा रही है। इससे कर्मचारियों के पारिवारिक, सामाजिक एवं मानसिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि उच्च कार्यालयों में अवकाश के दिनों में कार्य लेने पर कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति अवकाश प्रदान किया जाता है, जबकि मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। कई जिलों में कर्मचारियों को लगातार महीनों तक नियमित अवकाश भी नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर शनिवार, रविवार एवं राजकीय अवकाशों के दौरान किसी भी प्रकार की बैठक, ग्राम सभा, चौपाल, शिविर, निरीक्षण अथवा अन्य सरकारी गतिविधियों का आयोजन नहीं किया जाए। साथ ही कर्मचारियों को उनके पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराया जाए।
समिति ने निर्णय लिया है कि भविष्य में अवकाश के दिनों में केवल आपातकालीन सेवाएं ही दी जाएंगी, जबकि अन्य सभी गैर-आपातकालीन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित विभागों के प्रमुख शासन सचिवों को भी प्रेषित की गई
