आदिवासी समाज के अपमान पर फूटा आक्रोश, झाड़ोल उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन
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रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू), झाड़ोल

​■ राजस्थान आदिवासी संघ ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

​■ समाज के स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया, आंदोलन की चेतावनी

​झाड़ोल। आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणियों के विरोध में शुक्रवार को झाड़ोल उपखंड मुख्यालय पर गहरा आक्रोश देखा गया। राजस्थान आदिवासी संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाज के लोगो ने उपखण्ड मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल व राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के नाम तहसीलदार सीताराम बोरीवाल को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

​सार्वजनिक कार्यक्रम में टिप्पणी का आरोप

​सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के प्रति कथित रूप से अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस घटना से पूरे क्षेत्र के आदिवासी समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इसे आदिवासी समुदाय के सम्मान, स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।

​"सम्मान से समझौता नहीं"

संघ के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज देश की संस्कृति, परंपरा और विरासत का अभिन्न अंग है। समाज के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को सजा नहीं दी गई, तो आगामी दिनों में इस आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा।

​प्रशासन के सामने रखीं प्रमुख मांगें:

​मामले की त्वरित और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

​समाज को अपमानित करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।

​भविष्य में किसी भी समुदाय विशेष के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

​प्रदर्शन में ये रहे मौजूद

​ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से:

​हीरालाल डाबी (संभागीय अध्यक्ष)

​उदयलाल डामोर (सचिव)

​भैरूलाल अहारी (जिला उपाध्यक्ष)

​लक्ष्मण अहारी (ब्लॉक अध्यक्ष)

​चंदूलाल लूर, धर्मचंद लूर, एडवोकेट सुनील कुमार भजात, तकाराम भागरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन मौजूद थे।