ग्रामीण सेवा शिविर बना वरदान: मौके पर ही मिली पेंशन, पट्टे और विकास की सौगात
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

एक ही छत के नीचे वर्षों की समस्याओं का समाधान, बुजुर्गों की आंखों में छलकी खुशी

झाड़ोल। ग्राम पंचायत खाखड़ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। शिविर में प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। बुजुर्गों को पेंशन, जरूरतमंदों को आवासीय पट्टे और गांव को सामुदायिक विकास की नई सौगातें मिलीं।

शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया। इस दौरान कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां लेकर आई प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए यादगार बन गई।

बुजुर्ग महिला को हाथों-हाथ मिली पेंशन, छलक पड़े खुशी के आंसू

शिविर का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब गांव की बुजुर्ग महिला जमकू बाई वृद्धावस्था पेंशन की समस्या लेकर शिविर पहुंचीं। वर्षों से पेंशन के लिए भटक रही जमकू बाई की फाइल पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) जारी कर दिया।

पेंशन स्वीकृति का आदेश हाथ में आते ही जमकू बाई की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि अब छोटे-मोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

आवास का सपना हुआ साकार, पात्र परिवारों को मिले पट्टे

शिविर में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवासीय पट्टों का वितरण किया गया। कालूलाल पुत्र बाबूलाल, मन्नालाल पुत्र धूला, लोकेश पुत्र कालू पटेल तथा निरंजन पुत्र सुंदरलाल को पट्टे प्रदान किए गए।

पट्टे मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। अब वे अपने पक्के आशियाने का निर्माण कर सकेंगे तथा बैंक ऋण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

स्कूल और सामुदायिक भवन को मिली कानूनी मजबूती

गांव के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शिविर में दो महत्वपूर्ण सामुदायिक पट्टे भी जारी किए गए।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खाखड़ को भूमि का पट्टा जारी किया गया, जिससे विद्यालय के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

कुलदेवी माता मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए भूमि आवंटित की गई, जिससे भविष्य में सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बंद पड़ी पेंशन भी हुई पुनः शुरू

ग्रामीण गणेशलाल पुत्र नाथूजी मेघवाल ने भी अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। जांच में सामने आया कि वार्षिक सत्यापन लंबित होने के कारण उनकी पेंशन बंद थी। अधिकारियों ने तत्काल सत्यापन करवाकर उनकी पेंशन पुनः शुरू करवा दी।

सुशासन की मिसाल बना शिविर

ग्राम पंचायत खाखड़ में आयोजित यह ग्रामीण सेवा शिविर इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच पहुंचता है तो वर्षों से अटके काम भी मिनटों में पूरे हो जाते हैं। एक ही दिन में बुजुर्गों को पेंशन, जरूरतमंदों को आवासीय अधिकार और गांव को विकास की नई सौगात मिलने से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रशासन की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना करते हुए इसे जनहित की प्रभावी पहल बताया।