एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क
फलासिया/झाड़ोल। उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र के बिडा गांव में आयोजित मुख्यमंत्री की रात्रि चौपाल में प्राकृतिक खेती का मॉडल प्रस्तुत कर प्रगतिशील किसान प्रेमचंद ने राज्य स्तर पर नई पहचान बनाई। उनके नवाचार और वर्षों के अनुभव पर आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की। इसके साथ ही उन्हें राजस्थान में प्राकृतिक खेती का राज्यस्तरीय ब्रांड एंबेसडर एवं मास्टर ट्रेनर मनोनीत किया गया।
रात्रि चौपाल के दौरान प्रेमचंद ने जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत जैसे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के बिना खेती करने की तकनीक का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होती है।
प्रेमचंद ने बताया कि वर्ष 1995 में उनकी वार्षिक आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद बढ़कर 12 से 13 लाख रुपये वार्षिक तक पहुंच गई। राज्य सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें प्रतिमाह 11 हजार रुपये मानदेय तथा यात्रा भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि फलासिया ब्लॉक में पांच तथा झाड़ोल ब्लॉक में तीन बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) संचालित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रेमचंद ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत सैकड़ों किसानों और कृषि सखियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया है।
इस अवसर पर प्रेमचंद ने कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में जुटी पूरी कृषि विभाग की टीम की मेहनत का परिणाम है। बिडा गांव में मिली इस उपलब्धि पर क्षेत्र के किसानों, जनप्रतिनिधियों और कृषि विभाग ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
