रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
जीजा के अपहरण-हत्या का 3 महीने बाद पर्दाफाश, रामरूप मीना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी को दबोचा
ओगणा, झाड़ोल। उदयपुर जिले की ओगणा थाना पुलिस ने बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए जीजा के अपहरण और हत्या के मामले का करीब तीन महीने बाद पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य वांछित आरोपी सुनील उर्फ चुन्नीलाल को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और तलवार भी बरामद की है।
तलवारों के साथ घर पहुंचे थे आरोपी, जबरन बाइक पर बैठाकर ले गए थे पिंटू
मामले के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को चौखला बारा निवासी विरमचन्द ने ओगणा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ लोग तलवारें लेकर घर पहुंचे और पिंटू का जबरन मोटरसाइकिल पर अपहरण कर ले गए। बाद में जानकारी सामने आई कि आरोपियों ने पिंटू की हत्या कर उसका शव नर्सरी अम्बावी में फेंक दिया।
मामले में थाना ओगणा पर प्रकरण संख्या 57/26 धारा 191(2), 191(3), 103(1), 140(3), 190 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। पुलिस इससे पहले मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चुकी है।
नासिक तक पहुंची ओगणा पुलिस, मुख्य आरोपी को दबोचकर लाई
फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, आसूचना तंत्र और लगातार निगरानी को हथियार बनाया। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में महाराष्ट्र के नासिक तक दबिश दी और आखिरकार लंबे समय से फरार चल रहे सुनील उर्फ चुन्नीलाल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
यह कार्रवाई उदयपुर जिला पुलिस की सटीक प्लानिंग, तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम रही।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में शामिल अधिकारी एवं जवानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही—
डॉ. अमृता दुहन, जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर के निर्देशन में,
रजत विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा तथा
विवेकसिंह, वृताधिकारी वृत झाडोल के कुशल निर्देशन में,
रामरूप मीना, पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी थाना ओगणा के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस टीम के जांबाज सदस्य
रामरूप मीना — पु.नि. एवं थानाधिकारी थाना ओगणा
किशन सिंह — स.उ.नि., थाना ओगणा
गोपाल — हैड कानि. 1506, थाना ओगणा
मांगीलाल — कानि. 3001, थाना ओगणा
लोकेश रायकवाल — कानि. 2252, साइबर सेल उदयपुर
तकनीकी साक्ष्यों और साइबर इनपुट की अहम भूमिका: टीम के सदस्य कानि. लोकेश रायकवाल ने तकनीकी स्तर पर महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जबकि थाना ओगणा की टीम ने महाराष्ट्र तक पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई।
02 दिन के पी.सी. रिमांड पर आरोपी, पूछताछ में खुलेंगे कई राज
गिरफ्तार आरोपी सुनील उर्फ चुन्नीलाल को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 02 दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड (पी.सी. रिमांड) पर लिया गया है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है तथा वारदात से जुड़ी अन्य कड़ियों और संभावित संलिप्तता के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
तीन महीने से फरार मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के नासिक से दबोचकर ओगणा पुलिस ने यह साफ कर दिया कि अपराधी वारदात के बाद चाहे कितनी भी दूर क्यों न भाग जाए, पुलिस की पकड़ से लंबे समय तक बच नहीं सकता।
