रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
गाय के बछड़े के गले पर झपटा तेंदुआ, जानवरों की चीख सुन जागे ग्रामीण तो भागा; सुल्तान जी खेरवाड़ा में दहशत, पिंजरा लगाने की मांग तेज
झाड़ोल। झाड़ोल क्षेत्र के सुल्तान जी खेरवाड़ा गांव में बीती रात तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। तेंदुआ गांव में घुसकर घर के पीछे बने गाय-भैंस के बाड़े तक पहुंच गया और गाय के बछड़े के गले पर झपट पड़ा। अचानक जानवरों के चिल्लाने की आवाज सुनकर घरवाले जाग गए।
ग्रामीणों के जागने के बाद परिजनों ने शोर मचाया और तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। लोगों के शोर-शराबे से तेंदुआ मौके से भाग निकला। घटना भगवती लाल समलेसा के घर के पीछे बने पशु बाड़े में हुई बताई जा रही है।
आज बछड़ा बचा, कल इंसान भी निशाने पर हो सकता है!
घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ एक बार गांव की आबादी और पशु बाड़े तक पहुंच चुका है, ऐसे में उसके दोबारा लौटने की आशंका से लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि आज तेंदुआ आया है, कल फिर आ सकता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पशुओं के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
वन विभाग बोले—मौके पर भेजेंगे स्टाफ
वन विभाग झाड़ोल के रेंजर अभिषेक भटनागर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी अभी संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटना हुई है तो स्टाफ को मौके पर भेजकर जानकारी ली जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करवाई जाएगी।
ग्रामीणों की मांग—तुरंत हो पिंजरे की व्यवस्था
तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मौके का निरीक्षण किया जाए, तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और जरूरत के अनुसार पिंजरा लगाया जाए, ताकि किसी बड़ी घटना से पहले खतरे को टाला जा सके।
ग्रामीणों की एक ही मांग है—तेंदुए के दोबारा आने का इंतजार नहीं, सुरक्षा के लिए अभी कार्रवाई जरूरी है।
