रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत संभल हिंसा से संबंधित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने रिपोर्ट का स्वागत करते हुए इसे "सत्य की विजय" बताया और कहा कि आयोग की रिपोर्ट ने हिंसा के पीछे कथित षड्यंत्र तथा जिम्मेदार लोगों की भूमिका को उजागर किया है।
डॉ. जैन ने कहा कि आयोग के अनुसार शाही जामा मस्जिद के न्यायालय-आदेशित सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा पूर्व नियोजित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में जिन लोगों का उल्लेख है, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा के दौरान पथराव, आगजनी, गोलीबारी और पुलिस पर हमलों में चार लोगों की मौत हुई तथा 28 पुलिसकर्मी घायल हुए। उनके अनुसार आयोग ने यह भी कहा है कि मृतकों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं।
विहिप ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं देश की एकता, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती हैं। संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि रिपोर्ट में नामित आरोपियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ शीघ्र एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विहिप की प्रमुख मांगें
रिपोर्ट में नामित आरोपियों पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई।
दोषियों को ऐसी सजा मिले जो भविष्य में नजीर बने।
संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाए।
हिंसा रोकने वाले पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित किया जाए।
रिपोर्ट की सभी अनुशंसाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
प्रेस वक्तव्य के अनुसार यह बयान विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल द्वारा जारी किया गया, जबकि उदयपुर महानगर के प्रचार प्रमुख प्रकाश देखावत ने इसे प्रसारित किया।
