मां का पहला दूध ही शिशु का पहला टीका, छह माह तक केवल स्तनपान का दिया संदेश
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

किरट आंगनवाड़ी केंद्र में स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता शिविर, गर्भवती-धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं टीकाकरण की दी जानकारी

झाड़ोल। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मद फलासिया के अधीन उप-केंद्र मगवास एवं आंगनवाड़ी केंद्र किरट में शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम एवं टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व, नवजात शिशु के समुचित पोषण तथा समय पर टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर नितिन कुमार वर्मा ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलस्ट्रम) नवजात शिशु के लिए पहले टीके के समान होता है, जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। उन्होंने स्तनपान से जुड़ी सामान्य समस्याओं एवं उनके व्यावहारिक समाधान की भी विस्तार से जानकारी दी।

प्रसविका मंजू सुंडा ने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का नियमित टीकाकरण किया तथा सभी आवश्यक टीके समय पर लगवाने के लिए प्रेरित किया। वहीं सीएचओ नरेश पुर्बिया ने कहा कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस अवधि में पानी अथवा किसी अन्य बाहरी आहार की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी, ताकि मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना नवजात के लिए सबसे अधिक लाभकारी होता है। इससे शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को मजबूती मिलती है तथा कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव होता है।

कार्यक्रम के अंत में सीएचओ नरेश पुर्बिया ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। उप-केंद्र मगवास की ओर से सभी महिलाओं को फल वितरित किए गए। इस अवसर पर सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर नितिन कुमार वर्मा, प्रसविका मंजू सुंडा, सीएचओ नरेश पुर्बिया, आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।