वन यात्रा में सेवा, संस्कार और शिक्षा का संगम, झाड़ोल अंचल में वन बंधु परिषद के पदाधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

एकल विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से किया संवाद, शिक्षण सामग्री बांटी; आचार्यों को दिया मार्गदर्शन, कार्यकर्ताओं की बैठक में हुआ संगठनात्मक मंथन

झाड़ोल। एकल अभियान संभाग राजस्थान, भाग चित्तौड़गढ़ एवं अंचल झाड़ोल के तत्वावधान में आयोजित वन यात्रा कार्यक्रम सेवा, शनिवार को शिक्षा और संस्कार की भावना के साथ उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। वन बंधु परिषद जयपुर से चैप्टर अध्यक्ष प्रदीप बाहेती, चैप्टर कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप कोठारी, महिला समिति से माया बोथरा एवं दिव्या चतुर्वेदी ने अंचल झाड़ोल में प्रवास कर संगठनात्मक गतिविधियों, एकल विद्यालयों एवं प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया तथा कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों से संवाद किया।

कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों पर मंथन

वन यात्रा की शुरुआत अंचल केंद्र झाड़ोल पर आयोजित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की बैठक से हुई। बैठक में चैप्टर अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने कार्यकर्ताओं से संगठन के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इस दौरान वन बंधु परिषद महिला समिति की ओर से रक्षाबंधन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। महिला समिति द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को उपहार स्वरूप बैग वितरित किए गए।

आईवीडी सेंटर का निरीक्षण, प्रशिक्षणार्थियों से संवाद

इसके बाद चैप्टर पदाधिकारियों ने आईवीडी सेंटर का निरीक्षण किया। यहां सिलाई एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही शिक्षार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी ली। पदाधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

आचार्यों की मासिक बैठकों में लिया सहभागिता

वन यात्रा के दौरान संच झाड़ोल एवं संच पई की आचार्य मासिक बैठकों में भी पदाधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक में विद्यालय ग्रामों में संचालित गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं विद्यालय संचालन से संबंधित जानकारी आचार्यों से प्राप्त की गई। साथ ही विद्यालयों का व्यवस्थित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।

नयागांव में ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत

इसके पश्चात वन बंधु परिषद के पदाधिकारी कमलनाथ महादेव मंदिर के पास स्थित शनि महाराज मंदिर पहुंचे, जहां भोजन के बाद प्रथम एकल विद्यालय ग्राम नयागांव के लिए प्रस्थान किया गया। नयागांव पहुंचने पर ग्राम समिति एवं ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पमालाओं के साथ पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया।

विद्यालय में बच्चों द्वारा वंदना क्रम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। महिला समिति ने बच्चों से विद्यालय ग्राम में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई, वहीं आचार्य भाई को पाठ्य-पुस्तक एवं आवश्यक साहित्य प्रदान किया गया।

हरनिया खेड़ा में भी बच्चों से संवाद, वितरित की शिक्षण सामग्री

वन यात्रा का अगला पड़ाव एकल विद्यालय ग्राम हरनिया खेड़ा रहा। यहां ग्राम समिति ने तिलक लगाकर चैप्टर पदाधिकारियों का स्वागत एवं सत्कार किया। महिला समिति ने विद्यार्थियों की उपस्थिति ली तथा बच्चों से विद्यालय में होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री प्रदान की गई।

सेवा और शिक्षा के संकल्प को मजबूत करती रही वन यात्रा

वन यात्रा के दौरान पदाधिकारियों ने एकल विद्यालयों की जमीनी व्यवस्थाओं को करीब से जाना और आचार्यों, विद्यार्थियों, ग्राम समितियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद किया। यात्रा ने शिक्षा, संस्कार, संगठन और ग्रामीण समाज के बीच मजबूत समन्वय का संदेश दिया। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद वन बंधु परिषद के पदाधिकारी उदयपुर के लिए रवाना हुए।

ये रहे प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता

वन यात्रा के दौरान प्रभाग सचिव प्रभाग P-7 उदयपुर गोपाल काबरा, प्रभाग प्राथमिक शिक्षा प्रभारी मनोहर, संभाग अभियान प्रमुख संभाग राजस्थान लक्ष्मण शर्मा, भाग अध्यक्ष देवी लाल गायरी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष झाड़ोल शंकर लाल गायरी, भाजपा युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष धीरज पुर्बिया, अंचल पालक झाड़ोल भगाराम, भाग प्राथमिक शिक्षा प्रमुख भीमसूरत, अंचल अभियान प्रमुख उमेश कुमार सहित अंचल झाड़ोल के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वन यात्रा के सफल आयोजन में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में वन बंधु परिषद की ओर से सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, ग्राम समितियों, आचार्यों एवं सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।