रिपोर्ट - NP NEWS 24 डेस्क
डूंगरपुर । श्रावण मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर डूंगरपुर जिले के बरबोदनिया गांव में भक्ति, आस्था और शिव आराधना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विवेकानन्द युवा संस्थान बरबोदनिया की 13वीं कावड़ यात्रा आज शाम पवित्र बेणेश्वर धाम से सिद्धनाथ महादेव मंदिर, ठाकरडा के लिए पैदल रवाना होगी। कावड़ यात्री बेणेश्वर महादेव से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए सिद्धनाथ महादेव पहुंचेंगे और श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर भगवान शिव के शिवलिंग पर जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।
13 वर्षों से जारी है आस्था का यह सिलसिला
विवेकानन्द युवा संस्थान से जुड़े सदस्यों के अनुसार बरबोदनिया के युवाओं एवं श्रद्धालुओं द्वारा पिछले 13 वर्षों से लगातार कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष दर वर्ष इस यात्रा के प्रति ग्रामीणों और युवाओं की आस्था बढ़ती जा रही है। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक एकजुटता से जोड़ने का माध्यम भी बनती जा रही है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालु बेणेश्वर महादेव से पवित्र जल भरकर कावड़ में लेकर पैदल सिद्धनाथ महादेव मंदिर ठाकरडा पहुंचेंगे। श्रावण पूर्णिमा पर शिवलिंग का जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से गांव सहित पूरे क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की जाएगी।
कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पर हुआ भव्य विदाई कार्यक्रम
यात्रा रवाना होने से पहले गांव के कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पर ग्रामीणजन एकत्रित हुए। यहां कावड़ यात्रियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने उन्हें श्रीफल भेंट कर शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
ग्रामीणों ने कावड़ यात्रियों की सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की।
बड़ी संख्या में युवा होंगे यात्रा में शामिल
इस धार्मिक पदयात्रा में नवीन पुजोत, हेमंत सुथार, दीक्षित, सचिन, जतिन, प्रणव, कुंदन, हिमांशु, चयन, दर्शन, धवल, जन्नत, जय, जयनित, धैर्य, पारस, भव्य, विनायक, ऋतिक, गुंजन, विवेक, अंकित, मयंक, चिरायु, प्रशांत सहित कई युवा श्रद्धालु शामिल होंगे।
यात्रा में युवाओं की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाती है। धार्मिक आस्था के साथ युवाओं का यह जुड़ाव आने वाली पीढ़ी तक परंपराओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी माना जा रहा है।
श्रद्धालुओं ने दी शुभकामनाएं
कावड़ यात्रियों को विदाई देने के लिए ललित पूंजोत, ललित एकोत, हेतलाल पुजोत, गणेश पुंजोत, छबीलाल फ़लोत, दिलीप एकोत, सुमित, राधा देवी, मीना देवी, सरिता देवी, आस्था सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कावड़ यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल आयोजन की कामना की। इस दौरान पूरे माहौल में धार्मिक उत्साह और शिवभक्ति की झलक दिखाई दी।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
बरबोदनिया की यह कावड़ यात्रा लगातार 13 वर्षों से धार्मिक परंपरा को जीवित रखने के साथ-साथ गांव के युवाओं और ग्रामीणों को एक सूत्र में जोड़ने का काम कर रही है। बेणेश्वर से पवित्र जल लेकर सिद्धनाथ महादेव तक पैदल पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए आस्था, संकल्प और समर्पण की यात्रा है।
श्रावण पूर्णिमा के दिन जब कावड़िए सिद्धनाथ महादेव पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे, तब यह यात्रा अपने धार्मिक उद्देश्य को पूर्ण करेगी। भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ श्रद्धालु गांव, परिवारों और पूरे क्षेत्र में सुख-शांति, अच्छी वर्षा, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना करेंगे।
13 वर्षों से चली आ रही यह कावड़ यात्रा एक बार फिर बरबोदनिया को शिवभक्ति के रंग में रंगने जा रही है। बेणेश्वर से उठी आस्था की कावड़ जब सिद्धनाथ महादेव के दरबार में पहुंचेगी, तो हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धा और संकल्प का यह सफर पूर्ण होगा।
