रिपोर्ट - पवन लौहार
फलासिया। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आंजरोली खास में चुनावी पाठशाला के तहत मतदाता जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। कक्षा 9 से 12 तक के बालक-बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए पोस्टर एवं चित्रों के माध्यम से मतदान के महत्व का संदेश दिया। विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल ने विद्यालय परिसर को लोकतांत्रिक जागरूकता के रंग में रंग दिया।
पोस्टरों में दिखी लोकतंत्र की तस्वीर
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने मतदान प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विषयों पर आकर्षक चित्र एवं पोस्टर तैयार कर उनका प्रदर्शन किया। पोस्टरों के माध्यम से विद्यार्थियों ने आम मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक मतदाता की सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होती है।
विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि मतदान केवल चुनाव के दिन की औपचारिकता नहीं, बल्कि देश और समाज के भविष्य को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
नारों से दिया मतदान का दमदार संदेश
जागरूकता गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से मतदान का महत्व बताया। “हर घर यही संदेश पहुँचाएँ, हर मतदाता वोट डालने जाएँ” और “जागरूक मतदाता, मजबूत लोकतंत्र” जैसे नारों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार के प्रयोग से वंचित न रहे।
मतदान अधिकार के साथ लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि लोकतंत्र में प्रत्येक जागरूक मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मतदान केवल नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। पात्र नागरिकों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या भय से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
इस जागरूकता का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से मतदान का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाना भी रहा। विद्यालय स्तर पर आयोजित ऐसी गतिविधियां भविष्य के मतदाताओं में लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने के साथ वर्तमान मतदाताओं को भी जागरूक करने का प्रभावी माध्यम बनती हैं।
विद्यार्थियों की भागीदारी बनी कार्यक्रम की खासियत
कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक के बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पोस्टर तैयार करने से लेकर उनके प्रदर्शन और जागरूकता संदेशों के माध्यम से अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में मतदान व्यवस्था को समझने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ने की भावना को मजबूत किया।
यह गतिविधि विद्यालय के कनिष्ठ सहायक धनराज गरासिया के माध्यम से आयोजित करवाई गई। इस अवसर पर जय प्रकाश मीणा, कमलाराम कटारा, गणेश कुमार भील, चेतन स्वरूप लिबात, भानू कटारा, ममता गरासिया, चंदन वडेरा सहित अन्य उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों का संकल्प—मतदान का संदेश पहुंचे हर घर
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि मतदान को लेकर जागरूकता का संदेश केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे परिवार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। विद्यार्थियों की यह पहल चुनावी प्रक्रिया में युवाओं की भूमिका और लोकतांत्रिक जागरूकता के महत्व को रेखांकित करती है।
“जागरूक मतदाता—मजबूत लोकतंत्र” का संदेश देते हुए विद्यार्थियों ने समाज से आह्वान किया कि हर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करे और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाए।
कार्यक्रम का मूल संदेश साफ रहा—हर घर तक यही बात पहुंचानी है कि मतदान केवल अधिकार नहीं, लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी है और हर पात्र मतदाता को मतदान अवश्य करना चाहिए।
