गोगुंदा में आबकारी विभाग का बड़ा शिकंजा
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रिपोर्ट - NP NEWS 24 डेस्क

गोगुन्दा। निकाय चुनाव की आदर्श आचार संहिता के बीच अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने बड़ा प्रहार किया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र में आबकारी टीम ने लगातार दो बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से 20 ड्रमों में भरी कुल 3600 लीटर अवैध स्पिरिट बरामद की है। बरामद स्पिरिट की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई गई है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरी कार्रवाई में संबंधित मकान का आरोपी मौके से फरार हो गया।

आबकारी विभाग के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में बरामद स्पिरिट का इस्तेमाल निकाय चुनाव के दौरान अवैध शराब तैयार करने में किया जाना था। चुनावी आचार संहिता के बीच हुई इस कार्रवाई ने अवैध शराब के संभावित नेटवर्क को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने मामले में अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है।

रेस्टोरेंट में छिपा रखा था 1700 लीटर स्पिरिट

आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोगुंदा क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण के लिए स्पिरिट का बड़ा स्टॉक रखा हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति प्रदीप सिंह सांगावत एवं उपायुक्त आबकारी निरोधक दल जोन उदयपुर प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत के निर्देशन में कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।

26 अगस्त को आबकारी अधिकारी उदयपुर विकास बीठू के नेतृत्व में टीम नेशनल हाईवे-27 पर खोखरिया की नाल के समीप स्थित बालाजी रेस्टोरेंट पहुंची। यहां प्रहराधिकारी उदयपुर दौलत सिंह, प्रहराधिकारी गोगुंदा कैलाशचन्द्र सहित आबकारी जाब्ते ने दबिश दी।

तलाशी के दौरान टीम को 8 ड्रमों में 1600 लीटर तथा 2 ड्रमों में 100 लीटर, यानी कुल 10 ड्रमों में 1700 लीटर स्पिरिट मिली। टीम ने स्पिरिट जब्त कर मौके से प्रकाश मेघवाल निवासी सांचौर को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुला दूसरा ठिकाना

पहली कार्रवाई में हुई गिरफ्तारी के बाद आबकारी टीम ने आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की। पूछताछ से मिली सूचना के आधार पर विभाग ने तत्काल दूसरी कार्रवाई को अंजाम दिया।

उपायुक्त ईपीएफ उदयपुर प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत के निकट सुपरविजन में आबकारी टीम ने गोगुंदा के ग्राम उखलियाद में रमेश गरासिया के मकान पर दबिश दी। मकान की तलाशी में टीम को बड़े पैमाने पर स्पिरिट का स्टॉक मिला।

यहां 9 ड्रमों में 1800 लीटर और एक ड्रम में 100 लीटर, कुल 1900 लीटर अवैध स्पिरिट बरामद हुई। हालांकि कार्रवाई की भनक लगने से आरोपी मौके से फरार हो गया। विभाग ने स्पिरिट को जब्त कर लिया और फरार आरोपी की तलाश एवं मामले की आगे की जांच शुरू कर दी।

दो ठिकाने, 20 ड्रम और 3600 लीटर स्पिरिट

गोगुंदा में की गई दोनों कार्रवाई को जोड़ें तो आबकारी विभाग ने कुल 20 ड्रमों में रखा 3600 लीटर अवैध स्पिरिट बरामद किया है।

पहली कार्रवाई में 1700 लीटर और दूसरी कार्रवाई में 1900 लीटर स्पिरिट बरामद हुई। विभाग ने जब्त स्पिरिट की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी है।

इतनी बड़ी मात्रा में स्पिरिट का एक साथ पकड़ा जाना इस कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है। अब आबकारी विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि यह स्पिरिट कहां से लाई गई, इसे किसके माध्यम से खरीदा गया और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

चुनाव के दौरान अवैध शराब खपाने की आशंका

निकाय चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के दौरान आबकारी विभाग की कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग के मुताबिक जब्त स्पिरिट का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा निर्माण के लिए किया जाना था और चुनाव के दौरान इसके इस्तेमाल की तैयारी थी।

चुनावी दौर में अवैध शराब का इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने अथवा चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए किए जाने की आशंका रहती है। ऐसे में 3600 लीटर स्पिरिट का बरामद होना आबकारी विभाग के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

अब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना चुनौती

दो अलग-अलग स्थानों से इतने बड़े स्टॉक की बरामदगी के बाद जांच का दायरा अब केवल जब्त स्पिरिट तक सीमित नहीं रहेगा। विभाग यह पता लगाने में जुटेगा कि स्पिरिट की सप्लाई कहां से हुई, इसके पीछे कौन लोग हैं और अवैध शराब तैयार कर उसे कहां-कहां खपाने की योजना थी।

पहली कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर दूसरी खेप तक पहुंचना विभाग की कार्रवाई की अहम कड़ी माना जा रहा है। वहीं दूसरी कार्रवाई में आरोपी के फरार होने के बाद उसकी गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करना जांच अधिकारियों के लिए अगली बड़ी चुनौती है।

आचार संहिता में आबकारी विभाग की सख्ती

निकाय चुनाव के मद्देनजर आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ नाकाबंदी, गश्त और दबिश की कार्रवाई लगातार की जा रही है। गोगुंदा में हुई यह दोहरी कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।

आबकारी विभाग की कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि चुनावी आचार संहिता के दौरान अवैध शराब के कारोबार और उसके लिए कच्चे माल के बड़े स्टॉक पर भी निगरानी रखी जा रही है। अब देखना होगा कि आगामी जांच में इस मामले से जुड़े और कितने नाम सामने आते हैं।

गोगुंदा में 3600 लीटर स्पिरिट की बरामदगी सिर्फ एक जब्ती नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान संभावित अवैध शराब नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है। एक आरोपी की गिरफ्तारी और दूसरे के फरार होने के बाद जांच की दिशा अब इस बड़े स्टॉक के पूरे स्रोत और संभावित खपत तक पहुंचने पर टिकी है।