पर्यावरण संरक्षण और संवैधानिक जागरूकता की मिसाल बनीं सविता दामा, विज्ञान समिति ने किया सम्मानित
Total Views : 48
Zoom In Zoom Out Read Later Print

रिपोर्ट - पवन लौहार

फलासिया। आदिवासी अंचल में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाने वाली ग्राम पंचायत फलासिया के राजस्व गांव नया खोला निवासी सविता दामा को उनके उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। विज्ञान समिति, उदयपुर की ओर से आयोजित सम्मान कार्यक्रम में सविता दामा को पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशस्ति प्रमाण पत्र तथा ₹5,000 की नकद राशि प्रदान की गई।

सविता दामा का सम्मान ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराना सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम भूमिका निभाता है। सविता द्वारा इन दोनों विषयों को साथ लेकर किए जा रहे प्रयासों की कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सराहना की।

पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास

पर्यावरण संरक्षण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, हरियाली को बढ़ावा देने और ग्रामीण समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने से जुड़ा व्यापक विषय है। सविता दामा द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयास इसी दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आदिवासी अंचल जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जागरूकता पैदा करने वाले ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सकारात्मक संदेश देते हैं।

महिलाओं में संवैधानिक जागरूकता पर जोर

सविता दामा के कार्यों का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं तक अधिकारों और संविधान की जानकारी पहुंचाना सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम है। अधिकारों की जानकारी महिलाओं को अपने प्रति होने वाले भेदभाव, अन्याय और सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग बनाने के साथ उन्हें अपने निर्णयों में अधिक आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझती हैं तो उसका प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज में जागरूकता का वातावरण तैयार होता है।

सम्मान से आदिवासी अंचल में खुशी

सविता दामा को मिले सम्मान की खबर से फलासिया क्षेत्र के आदिवासी समुदाय में खुशी और गौरव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य करने वाली महिलाओं को मिलने वाला सम्मान अन्य महिलाओं और युवाओं को भी समाजहित में आगे आने के लिए प्रेरित करेगा।

ग्रामीणों ने कहा कि सविता दामा का सम्मान आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि है। इससे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और संवैधानिक जागरूकता जैसे विषयों पर काम करने के लिए नई ऊर्जा मिलेगी।

सम्मान केवल सविता का नहीं, सामाजिक बदलाव की सोच का भी

सविता दामा को दिया गया यह सम्मान महज प्रशस्ति पत्र और नकद राशि तक सीमित नहीं माना जा सकता। यह उन जमीनी प्रयासों की पहचान है, जो बिना बड़े मंच और संसाधनों के ग्रामीण समाज में जागरूकता पैदा करने का काम करते हैं। पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं में संवैधानिक चेतना—दोनों ही ऐसे विषय हैं, जिनका सीधा संबंध समाज के भविष्य से है।

इस अवसर पर जालम चंद अंगारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सविता दामा के सामाजिक एवं जनजागरूकता कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं दीं। सम्मान के बाद क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि सविता दामा भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और महिला जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।