रिपोर्ट - पवन लौहार
उदयपुर। उदयपुर जिले के बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने जिले की पहचान प्रदेश व देश के सामने रखने का सुनहरा अवसर सामने आया है। डिजिटल बाल मेला 2026 के तहत नया अभियान शुरू किया गया है, जिसमें बच्चों को अपने जिले की ऐसी अनजानी और खास बात सामने लानी होगी, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले को ₹50,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि प्रत्येक जिले से विजेता बच्चों को तीन दिवसीय जोधपुर भ्रमण का अवसर मिलेगा।
प्रदेश की नई पीढ़ी को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और स्थानीय पहचान से जोड़ने के उद्देश्य से दिसंबर माह में तीन दिवसीय ‘जोधपुर बाल महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें राजस्थान के सभी 41 जिलों से बच्चे भाग ले सकेंगे। महोत्सव में प्रदेश के प्रत्येक जिले की झांकी देखने को मिलेगी और बच्चे अपने-अपने जिले की विशिष्ट पहचान को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करेंगे।
‘आपका जिला क्यों खास है?’—वीडियो के जरिए बतानी होगी अनजानी कहानी
अभियान की खासियत यह है कि बच्चों को अपने जिले की कोई ऐसी विशेषता खोजनी होगी, जो आम लोगों की नजरों से अभी तक दूर है। बच्चे वीडियो बनाकर यह बताएंगे कि उनका जिला क्यों खास है। इसमें स्थानीय इतिहास, पर्यटन स्थल, लोक परंपराएं, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संगीत, नवाचार और जिले के गुमनाम नायकों से जुड़ी रोचक जानकारी शामिल की जा सकती है।
फ्यूचर सोसाइटी के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने बताया कि पोस्टर विमोचन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि बच्चे अपने जिले की उन विशेषताओं को प्रदेश के सामने लाएं, जो अभी तक अनजानी हैं।
डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और राजस्थान के अलग-अलग जिलों की समृद्ध परंपराओं को समझने का अवसर देना है।
उदयपुर की पहचान को नई उड़ान देने का मौका
उदयपुर अपनी झीलों, ऐतिहासिक विरासत, आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, शिल्प और पर्यटन के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है। ऐसे में जिले के बच्चों के सामने अपनी स्थानीय विरासत के उन पहलुओं को सामने लाने का बड़ा अवसर है, जो अभी तक व्यापक स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
अभियान के तहत जिलास्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को अपने जिले की विशेषताओं को जानने, उनके बारे में जानकारी जुटाने और उसे रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करें।
ऐसे लें हिस्सा
भाग लेने वाले बच्चे डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट digitalbaalmela.com के माध्यम से अथवा व्हाट्सऐप नंबर 8005915026 पर संपर्क कर पंजीकरण कर सकते हैं।
‘जोधपुर बाल महोत्सव’ में राजस्थान के व्यंजन, हस्तशिल्प, लोक संगीत, स्थानीय परंपराएं और गुमनाम नायकों की कहानियां भी बच्चों की प्रस्तुतियों के जरिए सामने आएंगी। सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिले को ₹50,000 का नकद पुरस्कार मिलेगा, वहीं हर जिले के विजेता बच्चों को जोधपुर भ्रमण कराया जाएगा।
यह अभियान सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राजस्थान की नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी, इतिहास और संस्कृति से जोड़ने की अनूठी पहल के रूप में देखा जा रहा है। उदयपुर के बच्चों के लिए यह मौका अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ अपने जिले की ऐसी पहचान देश-दुनिया तक पहुंचाने का है, जिसके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं।
