रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
उदयपुर, 08 सितम्बर। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण मंगलवार को शास्त्री सर्कल स्थित होटल RTDC कजरी, उदयपुर में संपन्न हुआ। 07 एवं 08 सितम्बर को आयोजित इस प्रशिक्षण में OSR (Own Source Revenue) यानी पंचायत की स्वयं की आय बढ़ाने को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायतों की आर्थिक मजबूती को लेकर कर, शुल्क, दुकान किराया, जल कर, भवन कर सहित पंचायतों के विभिन्न स्वयं के राजस्व स्रोतों पर विस्तार से चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर भरत श्रीमाली, कमलेंद्र सिंह और असलम चोपदार ने पंचायतों को अपने आय के स्रोत विकसित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर राजस्व बढ़ाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
पंचायतों की आय बढ़ाने पर रहा विशेष फोकस
प्रशिक्षण में बताया गया कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को गति देने के लिए केवल सरकारी अनुदान पर निर्भरता कम करते हुए पंचायतों को अपने स्वयं के राजस्व स्रोत मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा। OSR के माध्यम से पंचायतों की नियमित आय बढ़ाकर स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन पॉजिटिव मंत्रा के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर किशन लाल मेघवाल ने किया। प्रशिक्षण मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद उदयपुर प्रीतम कुमार (IAS) के आदेशानुसार आयोजित किया गया।
जिलेभर के अधिकारी रहे मौजूद
दो दिवसीय प्रशिक्षण में उदयपुर जिले के समस्त ब्लॉकों से BDO, ABDO, AAO, AEN एवं BSO सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा तथा राजस्व संग्रहण एवं पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की कार्ययोजना पर जानकारी प्राप्त की।
ऑनलाइन सर्टिफिकेट से हुआ समापन
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर रूपल सैन द्वारा TMP पोर्टल पर प्रतिभागियों का डेटा अपलोड किया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के मंच संचालन में रमेश नागदा एवं स्तुति शास्त्री का विशेष सहयोग रहा।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत स्तर के अधिकारियों को स्वयं के राजस्व स्रोतों को मजबूत करने, आय बढ़ाने और पंचायतों को अधिक आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर स्थानीय विकास को नई गति देना रहा।
