रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। पंचायत समिति मुख्यालय झाड़ोल में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित हुलाव माता गरबा महोत्सव 2026 की तैयारियों का विधिवत आगाज हो गया है। आगामी 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि महोत्सव को भव्य, व्यवस्थित और अनुशासित रूप देने के उद्देश्य से सांडोल माता मंदिर परिसर में समिति की प्रथम तैयारी बैठक आयोजित हुई। बैठक में आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा के साथ नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से संजय मेहता को हुलाव माता गरबा समिति का अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही मेहता के नेतृत्व में इस वर्ष के गरबा महोत्सव की तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी समिति के सामने होगी। बैठक में मौजूद सदस्यों ने आयोजन को धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भव्य स्वरूप देने पर जोर दिया।
संजय मेहता के नेतृत्व में संभाली जाएगी महोत्सव की कमान
समिति की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर हंसराज सरणोत, धीरज पुर्बिया, रवि गायरी, रोशन लक्ष्कार, लोकेश पुर्बिया, राजू निमावत, नितेश सोनी, सुनील मेहता, नीरज पोखरना, चिन्मय धाकड़, रजत वर्मा एवं भरत लक्ष्कार को जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री व सहमंत्री के रूप में रौनक लक्ष्कार, जितेन्द्र सेठ, भावेश पुर्बिया, मनीष राजावत, दीपेश सेवक, दलीचंद पटेल, अशोक मेघवाल, भावुक कोडिया, देवानन्द शुक्ला, दिनेश लक्ष्कार और नेहिल सरणोत को मनोनीत किया गया। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी कैलाश धाकड़, गजेन्द्र वैष्णव एवं शुभम पोखरना को सौंपी गई है।
महोत्सव के दौरान व्यवस्थाओं को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। अनुशासन समिति में करण पोखरना, अशोक पोखरना, भोपाल लक्ष्कार, विनोद वैष्णव, दिनेश पोखरना, जय पुर्बिया, राजेश सोनी, युवराज कुलंबी और देवीलाल लोहार को शामिल किया गया है।
सोशल मीडिया से सांस्कृतिक कार्यक्रम तक अलग-अलग जिम्मेदारियां
महोत्सव के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी जयेश जैन, अर्पित कुलंबी और कीर्तन कोठारी को दी गई है। गरबा मीडिया प्रभारी के रूप में हंसराज, दुष्यन्त एवं भरत जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन की कमान नितेश सोनी, कुलदीप वर्मा, नीरज पोखरना, रोशन लक्ष्कार, भावेश पुर्बिया और दिनेश लक्ष्कार को सौंपी गई है।
गरबा संचालन समिति में विक्रम राजावत, हीरालाल सेवक, रजत वर्मा, प्रहलाद वर्मा, पीयूष कोठारी, कीर्तन, विक्रम राठौड़, भूपेंद्र राजावत तथा तनिष वसीटा को शामिल किया गया है। इससे आयोजन के दौरान गरबा संचालन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियों के माध्यम से संचालित करने की तैयारी दिखाई दे रही है।
वित्तीय और प्रबंधन व्यवस्था पर भी फोकस
आयोजन के वित्तीय प्रबंधन के लिए चंदा समिति का नेतृत्व अध्यक्ष संजय मेहता करेंगे। वहीं रिकवरी समिति में अमित सेवक, तपीश पुर्बिया, योगराज बाघेला और अर्णव मेहता को जिम्मेदारी दी गई है। वरिष्ठजनों के अनुभव और मार्गदर्शन को आयोजन से जोड़ने के लिए संरक्षक समिति भी बनाई गई है। इसमें महेंद्र सरणोत, कन्हैयालाल वर्मा, शेखर वर्मा, पारस सोनी, अशोक पोखरना, दिनेश पोखरना, भोपाल लक्ष्कार, पारस मेहता, यशवंत सोनी, कन्हैयालाल पोखरना, ललित मेहता, रामचंद्र लक्ष्कार और प्रभुलाल पुर्बिया को शामिल किया गया है।
धार्मिक एवं पूजन व्यवस्थाओं को भी बैठक में विशेष प्राथमिकता दी गई। माताजी की मूर्ति की व्यवस्था रामचंद्र लक्ष्कार, आंगी व्यवस्था पारस पोखरना, अखंड ज्योत की जिम्मेदारी अशोक पोखरना तथा माता की माला की व्यवस्था सुमित सेठ एवं जितेंद्र सेठ को सौंपी गई है।
नवरात्रि में झाड़ोल में दिखेगा आस्था और संस्कृति का संगम
बैठक से स्पष्ट है कि इस बार हुलाव माता गरबा महोत्सव को केवल गरबा आयोजन तक सीमित न रखते हुए धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवाओं की भागीदारी, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का व्यापक मंच बनाने की तैयारी की जा रही है। अलग-अलग समितियों में जिम्मेदारियां बांटे जाने से आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू रखने पर विशेष जोर रहेगा।
समिति के सदस्यों ने एकजुट होकर आगामी नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव को भक्तिभाव, भव्यता और अनुशासन के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। अब अध्यक्ष संजय मेहता के नेतृत्व में आने वाले दिनों में आयोजन की तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है। झाड़ोल में 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह गरबा महोत्सव नवरात्रि के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
