एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र लोहार, डेस्क
दो साल बाद पंजीयन के लिए अब निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा
झाड़ोल/फलासिया। जन्म एवं मृत्यु पंजीयन को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना 6 अगस्त 2026 को जारी की जा चुकी है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार संशोधित अधिनियम के प्रावधान 1 अक्टूबर 2026 से पूर्ण रूप से प्रभावी होंगे।
दो साल बाद जन्म-मृत्यु दर्ज कराना होगा मुश्किल
रमेश टेलर ने बताया कि संशोधित अधिनियम की धारा 13(3) एवं 13(3A) के तहत विलंबित जन्म-मृत्यु पंजीयन के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब किसी जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना घटना के दो वर्ष बाद रजिस्ट्रार को दी जाती है तो उसका पंजीयन निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए बिना नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे मामलों में जन्म या मृत्यु की घटना की शुद्धता का सत्यापन संबंधित क्षेत्राधिकार वाले सक्षम न्यायिक प्राधिकारी की प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के बाद जारी आदेश तथा निर्धारित फीस जमा करने के पश्चात ही जन्म या मृत्यु का पंजीयन किया जा सकेगा।
झाड़ोल एवं फलासिया क्षेत्र में भी लागू होंगे प्रावधान
ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि झाड़ोल एवं फलासिया क्षेत्र में जन्म-मृत्यु पंजीयन से संबंधित सभी कार्यों में 1 अक्टूबर 2026 से संशोधित प्रावधानों की पालना की जाएगी। इसलिए जिन लोगों के परिवार में जन्म या मृत्यु की घटना हुई है और अभी तक उसका पंजीयन नहीं कराया गया है, वे समय रहते संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय से आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी लेकर पंजीयन करवाएं।
दो साल से पुराने मामलों में विशेष प्रक्रिया
नई व्यवस्था का सबसे अधिक असर उन मामलों में होगा, जिनमें जन्म या मृत्यु की घटना को दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे मामलों में आवेदक को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन और आदेश प्राप्त करना होगा। इसके बाद ही निर्धारित शुल्क जमा कर पंजीयन कराया जा सकेगा।
अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश
जिला स्तर से जारी निर्देश में संबंधित जन्म-मृत्यु पंजीयन अधिकारियों एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को 1 अक्टूबर 2026 के बाद संशोधित प्रावधानों की अनिवार्य रूप से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी रमेश टेलर ने आमजन से अपील की कि जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन समय पर करवाएं, ताकि भविष्य में विलंबित पंजीयन की अतिरिक्त प्रक्रिया से बचा जा सके।
