एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र लोहार, डेस्क
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच एवं सरपंच पद के चुनाव की मतदान प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग की ओर से 2 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पंच एवं सरपंच पद के चुनाव मतपेटी के माध्यम से कराए जाएंगे।
आयोग के आदेश के अनुसार चुनाव प्रक्रिया राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 तथा राजस्थान पंचायतीराज (निर्वाचन) नियम, 1994 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संपादित होगी। नाम निर्देशन पत्रों की प्राप्ति, संवीक्षा और नाम वापसी की प्रक्रिया निर्धारित स्थान पर पूरी की जाएगी।
पंच और सरपंच के लिए अलग-अलग चुनाव प्रक्रिया
जिन अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन पत्र स्वीकार हो चुके हैं और जिन्होंने नाम वापस नहीं लिया है, उनके नाम प्रपत्र-5 में पंच एवं सरपंच पद के लिए अलग-अलग प्रदर्शित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सूची हिंदी वर्णमाला के क्रम में तैयार की जाएगी और उसी क्रम में उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
आयोग के पूर्व निर्धारित आदेश के अनुसार पंच एवं सरपंच पद के लिए अलग-अलग 40-40 चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं।
सरपंच के मतपत्र में 10-10 के समूह में चुनाव चिन्ह
आयोग के निर्देश में सरपंच पद के मतपत्र की संरचना भी स्पष्ट की गई है। सरपंच पद के मतपत्र में एक स्तंभ में 10-10-10-10 के क्रम में कुल 40 चुनाव चिन्ह अंकित होंगे।
क्रम संख्या 1 से 10 तक चुनाव चिन्ह मुख्य मतपत्र पर, 11 से 20 तक प्रथम अतिरिक्त मतपत्र स्लिप, 21 से 30 तक द्वितीय अतिरिक्त मतपत्र स्लिप तथा 31 से 40 तक तृतीय अतिरिक्त मतपत्र स्लिप पर अंकित किए जाएंगे।
यदि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या अधिक होती है तो आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मतपत्र स्लिप का उपयोग किया जाएगा।
पंच पद के मतपत्र का रंग गुलाबी
आयोग के अनुसार सरपंच पद का मतपत्र सफेद रंग तथा पंच पद का मतपत्र गुलाबी रंग का होगा। दोनों के लिए अलग-अलग अतिरिक्त मतपत्र स्लिप भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तैयार की जाएंगी।
मतपत्रों पर अभ्यर्थियों के चुनाव चिन्ह अंकित होंगे। आयोग के निर्देश में यह भी कहा गया है कि मतपत्र पर केवल निर्धारित स्थान पर ही आवश्यक संख्या अंकित की जाएगी।
NOTA का विकल्प भी रहेगा
पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव में NOTA (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। आयोग द्वारा निर्धारित NOTA प्रतीक को मतपत्र में शामिल किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार यह विकल्प अंतिम अभ्यर्थी के बाद निर्धारित स्थान पर रहेगा।
चुनाव परिणाम भी उसी दिन घोषित करने की व्यवस्था
आयोग के आदेश में कहा गया है कि पंच एवं सरपंच पद का मतदान सम्पन्न होने के बाद मतगणना की कार्यवाही निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी और चुनाव का परिणाम उसी दिन घोषित किया जाएगा।
इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पहले जारी आदेशों में निर्धारित मतगणना प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
मतपत्रों की छपाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की
मतपत्रों के मुद्रण एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर रहेगी। आयोग ने मतपत्रों एवं अतिरिक्त मतपत्र स्लिप के मुद्रण, पैकिंग और सुरक्षित रखे जाने को लेकर भी विस्तृत निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार मतपत्रों का मुद्रण निजी मुद्रणालयों के माध्यम से करवाया जा सकता है, लेकिन मुद्रण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
मतपत्रों की संख्या भी तय प्रक्रिया के अनुसार
आयोग ने कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के मतदाताओं की संख्या एवं चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर आवश्यक मतपत्रों की संख्या का आकलन किया जाएगा। निर्धारित संख्या के अतिरिक्त भी अतिरिक्त मतपत्र स्लिप की व्यवस्था रखी जाएगी।
इससे मतदान के दौरान मतपत्रों की कमी जैसी स्थिति से बचने की तैयारी की जाएगी।
मतदान दल को भी विशेष निर्देश
मतदान दलों द्वारा मतपत्रों पर अभ्यर्थियों का नाम निर्धारित तरीके से अंकित किया जाएगा। प्रपत्र-5 में प्रदर्शित नाम के अनुसार शुद्ध नाम लिखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद तैयार मतपत्रों से ही मतदान करवाया जाएगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी पंच एवं सरपंच चुनाव से संबंधित ऐसे निर्देश, जो इस नए आदेश में निर्धारित प्रक्रिया से अलग हैं, इस आदेश की सीमा तक प्रभावी नहीं माने जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी चुनावी हलचल
राज्य निर्वाचन आयोग के इन दिशा-निर्देशों के बाद अब पंचायतीराज चुनाव 2026 की तैयारियां और तेज होने की संभावना है। गांवों में संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ेगी और पंच तथा सरपंच पद के लिए चुनावी समीकरण बनने शुरू होंगे।
आयोग के 2 अक्टूबर 2026 के आदेश से फिलहाल एक बात स्पष्ट है—पंच एवं सरपंच पद के चुनाव मतपेटी के माध्यम से होंगे और मतदान के लिए निर्धारित रंग व प्रारूप वाले मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा।
