रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत झाड़ोल थाना पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए वन उपज के कथित अवैध परिवहन और देशी कच्ची हथकड़ शराब के अवैध परिवहन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। पुलिस ने एक मामले में आम की सूखी लकड़ी से भरी पिकअप जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं दूसरे मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। लगातार हो रही कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है।
खाखड़-मगवास रोड पर पुलिस की नजर पड़ी तो खुली लकड़ी परिवहन की पोल
पुलिस के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 की शाम पुलिस टीम खाखड़-मगवास रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मगवास की ओर से आ रही एक पिकअप को रुकवाकर पुलिस ने जांच की। वाहन में मौजूद लोगों से पिकअप में भरी सामग्री के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
पिकअप का डाला खुलवाकर तलाशी लेने पर उसमें आम की सूखी लकड़ियों के गट्ठे भरे मिले। पुलिस ने लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस के अनुसार पूछताछ में बताया गया कि लकड़ी हिरूमाला गांव के जंगल क्षेत्र से काटकर पिकअप में भरकर ले जाई जा रही थी।
इसके बाद पुलिस ने पिकअप को लकड़ी सहित जब्त कर लिया तथा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गणेशलाल पिता पृथ्वीराज, उम्र 46 वर्ष, निवासी बांसीवाड़ा, थाना ओगणा तथा लालसिंह पिता रामसिंह राजपूत, उम्र 50 वर्ष, निवासी हिरूमाला, थाना ओगणा को गिरफ्तार किया है।
मामले में प्रकरण संख्या 162/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस 2023 तथा धारा 41, 42 फॉरेस्ट एक्ट में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार अनुसंधान के दौरान प्रार्थी एवं गवाहों के बयान लिए गए हैं और लकड़ी के स्रोत तथा उसके परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
एसपी के निर्देश पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार निगरानी
मामले में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने गहन अनुसंधान तथा प्रकरण से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी और शीघ्र निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा रजत विश्नोई एवं वृत्ताधिकारी झाड़ोल विवेक सिंह के सुपरविजन में की गई।
कार्रवाई में थानाधिकारी बुधाराम विश्नोई, एएसआई उम्मेदराम, एएसआई अमृतलाल, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, कांस्टेबल जितेंद्र एवं कांस्टेबल मदनलाल शामिल रहे।
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कच्ची हथकड़ शराब के परिवहन पर भी पुलिस का शिकंजा
दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, क्यूएसटी एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत कार्रवाई
झाड़ोल थाना पुलिस ने अवैध देशी कच्ची हथकड़ शराब के परिवहन के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे क्यूएसटी एरिया डोमिनेशन अभियान तथा वांछित अपराधियों, स्थायी एवं अन्य वारंटियों और लोकल एवं स्पेशल एक्ट की कार्रवाई के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र में अवैध रूप से देशी कच्ची हथकड़ शराब के परिवहन की सूचना एवं गतिविधि सामने आने पर किशन पुत्र नानजी, निवासी नयारहट गोदाणा, थाना झाड़ोल तथा धर्मपाल पुत्र समिया जाति चव्हाण, निवासी शिवपुरा, थाना झाड़ोल के खिलाफ कार्रवाई की गई। दोनों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया है।
पुलिस की निगरानी से अवैध कारोबार पर बढ़ा दबाव
पुलिस के अनुसार अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने गहन अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा प्रकरण के शीघ्र निस्तारण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा रजत विश्नोई एवं वृत्ताधिकारी झाड़ोल विवेक सिंह के सुपरविजन में की गई।
झाड़ोल थानाधिकारी बुधाराम विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मामले से जुड़े तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों की जांच की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थानाधिकारी बुधाराम विश्नोई, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह नंबर 2822, कांस्टेबल ओमप्रकाश नंबर 1173, हेड कांस्टेबल किशन कुमार नंबर 2316, कांस्टेबल मदनलाल नंबर 2600 तथा कांस्टेबल जितेन्द्र गवारिया नंबर 3353 शामिल रहे।
जंगल की संपदा और अवैध शराब—दोनों मोर्चों पर कार्रवाई
झाड़ोल पुलिस की इन दोनों कार्रवाइयों में एक ओर जंगल से जुड़ी वन उपज के कथित अवैध परिवहन पर कार्रवाई सामने आई है, तो दूसरी ओर अवैध कच्ची शराब के परिवहन के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और गतिविधियों की जांच आगे बढ़ा दी है।
लकड़ी प्रकरण में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लकड़ी वास्तव में कहां से लाई गई, इसके परिवहन में और कौन लोग जुड़े हैं तथा इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। वहीं हथकड़ शराब के मामले में भी पुलिस प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। आने वाली जांच में इन कार्रवाइयों से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
