रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। नव भारत साक्षरता उल्लास कार्यक्रम के तहत रविवार को फलासिया ब्लॉक में नवसाक्षरों की परीक्षा आयोजित की गई। ब्लॉक क्षेत्र में बनाए गए 19 परीक्षा केंद्रों पर कुल 3327 नवसाक्षरों ने परीक्षा में भाग लेकर पढ़ने-लिखने की ओर बढ़ते कदमों का परिचय दिया। परीक्षा में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की भागीदारी कहीं अधिक रही, जो ग्रामीण एवं वंचित वर्गों में साक्षरता के प्रति बढ़ती जागरूकता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है।
परीक्षा में 902 पुरुष एवं 2425 महिलाओं ने हिस्सा लिया। यानी परीक्षा में शामिल कुल नवसाक्षरों में महिलाओं की भागीदारी करीब 73 प्रतिशत रही। बड़ी संख्या में महिलाओं का परीक्षा में शामिल होना इस अभियान की सबसे उल्लेखनीय तस्वीर रही। इससे स्पष्ट होता है कि साक्षरता अभियान अब केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महिलाएं भी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व को समझते हुए सक्रिय रूप से आगे आ रही हैं।
19 केंद्रों पर हुआ परीक्षा का आयोजन
ब्लॉक फलासिया में परीक्षा के लिए कुल 19 केंद्र निर्धारित किए गए थे। इन केंद्रों पर नवसाक्षरों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी। कई केंद्रों पर नवसाक्षर महिलाएं और पुरुष कागज-कलम के साथ परीक्षा में बैठे नजर आए। लंबे समय से शिक्षा से दूर रहे लोगों के लिए परीक्षा में शामिल होना स्वयं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
नव भारत साक्षरता उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे वयस्कों को साक्षर बनाना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए। अभियान के माध्यम से उन्हें पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी जानकारी और आवश्यक जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं की भागीदारी बनी सबसे बड़ी उपलब्धि
परीक्षा में 2425 महिलाओं की भागीदारी ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच साक्षरता बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। पढ़ना-लिखना सीखने के बाद महिलाएं सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और रोजमर्रा के जरूरी कामों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकती हैं। ऐसे में फलासिया ब्लॉक में महिलाओं की बड़ी भागीदारी अभियान की प्रभावशीलता की ओर संकेत करती है।
शिक्षकों और कार्मिकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
परीक्षा के सफल आयोजन में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों, परीक्षा प्रभारियों, शिक्षकों एवं सहयोगी कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परीक्षा केंद्रों पर नवसाक्षरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और निर्धारित व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा संपन्न कराई गई। अधिकारियों एवं कार्मिकों की निगरानी में आयोजित परीक्षा ने साक्षरता अभियान को जमीनी स्तर पर गति देने का संदेश दिया।
फलासिया ब्लॉक में 3327 नवसाक्षरों का परीक्षा में शामिल होना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की सीखने की इच्छा और बदलाव की तस्वीर है, जो उम्र की सीमा को पीछे छोड़कर अब अक्षर ज्ञान की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। खासतौर पर 2425 महिलाओं की भागीदारी यह बताती है कि साक्षरता की रोशनी अब गांवों में महिलाओं तक भी तेजी से पहुंच रही है।
