रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को झाड़ोल नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विराट पथ संचलन का आयोजन किया गया। शाम 4 बजे शुरू हुए इस आयोजन में करीब 150 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में उत्साह, अनुशासन और सामूहिक एकजुटता के साथ सहभागिता की। नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकले पथ संचलन के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों और नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। स्वागत द्वारों और नागरिकों के उत्साह ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
पथ संचलन से पूर्व सभी स्वयंसेवक विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, झाड़ोल में एकत्रित हुए। यहां ध्वज प्रणाम और संघ प्रार्थना के पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का अनुशासित कदमताल करता समूह नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, सामूहिकता और संगठन के प्रति समर्पण की झलक देखने को मिली।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा पथ संचलन, जगह-जगह हुआ स्वागत
पथ संचलन विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय से प्रारंभ होकर पटेलवाड़ा, पोस्ट ऑफिस, पुलिस थाना, कोर्ट चौराहा, पूजा कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, ग्राम पंचायत, बस स्टैंड, सती चौराहा, हेडगेवार मार्ग और सदर बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसके बाद संचलन पुनः विद्या निकेतन पहुंचकर संपन्न हुआ।
संचलन के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों एवं नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। कई स्थानों पर स्वागत द्वार भी लगाए गए। नागरिकों की सहभागिता और स्वागत के चलते नगर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। जगह-जगह हुए स्वागत ने आयोजन को यादगार बनाया और पथ संचलन के प्रति लोगों की रुचि को प्रदर्शित किया।
अनुशासन और एकजुटता के साथ दिया सामाजिक समरसता का संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस पथ संचलन का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, अनुशासन और राष्ट्रभावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा। पथ संचलन में स्वयंसेवकों की सामूहिक कदमताल ने संगठनात्मक अनुशासन और एकजुटता को रेखांकित किया। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव, सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे विचारों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।
झाड़ोल जैसे ग्रामीण अंचल में नगर के विभिन्न मार्गों से निकले इस संचलन के दौरान नागरिकों का स्वागत और सहयोग आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। स्वयंसेवकों का उत्साह और निर्धारित मार्ग पर अनुशासित ढंग से संचलन कार्यक्रम की विशेषता बना रहा।
शताब्दी वर्ष के आयोजन ने बढ़ाया उत्साह
संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस विराट पथ संचलन ने झाड़ोल में संगठनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों का अनुशासन, समर्पण और उत्साह उल्लेखनीय रहा, वहीं नगरवासियों के स्वागत ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी।
कुल मिलाकर, झाड़ोल में आयोजित यह पथ संचलन अनुशासन, सामूहिकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभावना के संदेश को केंद्र में रखने वाला आयोजन रहा। शताब्दी वर्ष के अवसर पर निकले इस संचलन ने नगर में उत्साहपूर्ण वातावरण बनाया और सामाजिक सहभागिता की तस्वीर प्रस्तुत की।
