UPSC की तैयारी छोड़ गांव की सेवा में उतरे निर्भय बुंबरिया, 523 मतों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत
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माडवा | पवन लोहार

ग्राम पंचायत माडवा के नवनिर्वाचित सरपंच निर्भय बुंबरिया ने पंचायत चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपनी मजबूत जनस्वीकार्यता साबित की है। खास बात यह रही कि कुल 1140 मतदान में से निर्भय बुंबरिया को 753 वोट मिले। उन्होंने दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी को 523 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। दूसरे प्रत्याशी को 230 और तीसरे प्रत्याशी को 45 वोट मिले। शेष मत निरस्त एवं नोटा में गए। इस तरह कुल मतदान का करीब 66.05 प्रतिशत मत निर्भय बुंबरिया के पक्ष में रहा।

5 जनवरी 1997 को जन्मे निर्भय बुंबरिया शिक्षित एवं युवा जनप्रतिनिधि हैं। उनके पिता मुरारी लाल बुंबरिया कोटड़ा के पूर्व प्रधान रह चुके हैं, जबकि माता जीजा देवी पूर्व सरपंच रही हैं। परिवार से मिले सामाजिक एवं राजनीतिक संस्कारों ने उन्हें जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

निर्भय ने अपनी प्रारंभिक एवं विद्यालयी शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, मावली से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीए, बीएड, एलएलबी और राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई पूरी की।

दिल्ली में की UPSC की तैयारी

वर्ष 2017 से 2019 तक निर्भय बुंबरिया दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते रहे। इस दौरान उन्होंने भारतीय संविधान, प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और सामाजिक विषयों का गहन अध्ययन किया। हालांकि, उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी के बाद गांव की राजनीति में कदम रखते हुए जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाया।

2023 से समाजसेवा में सक्रिय

वर्ष 2023 से उन्होंने सामाजिक गतिविधियों एवं जनहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। अब ग्राम पंचायत माडवा के सरपंच के रूप में उनकी प्राथमिकता गांव का सर्वांगीण विकास, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान, पारदर्शी प्रशासन और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।


निर्भय बुंबरिया का कहना है कि ग्रामीणों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उनका लक्ष्य बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक गांव और प्रत्येक वर्ग तक विकास पहुंचाना है।